Quantcast
Channel: पत्रकारिता / जनसंचार
Viewing all articles
Browse latest Browse all 3437

गोलघर, पटना

$
0
0


मुक्त ज्ञानकोष विकिपीडिया से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

गोलघर
गोलघर, बिहारप्रांतकी राजधानी पटनामें गाँधी मैदानके पश्चिम में स्थित है। 1770 में आई भयंकर सूखे के दौरान लगभग एक करोड़ लोग भुखमरी के शिकार हुए थे। तब के गवर्नर जनरल वारेन हेस्टिंग ने गोलघर के निर्माण की योजना बनाई थी, ब्रिटिश इंजिनियर कैप्टन जान गार्स्टिन ने अनाज़ के (ब्रिटिश फौज के लिए) भंडारण के लिए इस गोल ढाँचे का निर्माण 20 जनवरी 1784 को शुरु करवाया था। इसका निर्माण कार्य ब्रिटिश राजमें 20 जुलाई1786को संपन्न हुआ था । इसमें एक साथ 140000 टन अनाज़ रखा जा सकता है।
इसका आधार 125 मीटर, और ऊँचाई 29 मीटर है. इसमें कोई स्तंभ नही है और इसकी दीवारें आधार में 3.6 मीटर मोटी हैं। गोलघर के शिखर पर लगभग तीन मीटर तक ईंट की जगह पत्थरों क प्रयोग किया गया है। गोलघर के शीर्ष पर दो फीट 7 इंच व्यास का छिद्र अनाज डालने के लिये छोड़ा गया था, जिसे बाद में भर दिया गया । 145 सीढियों के सहारे आप इसके उपरी सिरे पर जा सकते है जहाँ से शहर का एक बड़ा हिस्सा देखा जा सकता है और गंगाके मनोहारी दृश्य को यहाँ से निहारा जा सकता है।

राज्य संरक्षित स्मारक

गोलघर को 1979 मे राज्य संरक्षित स्मारक घोषित किया गया ।

स्थापत्य कला

स्थापत्य का अदभुत नमुना है गोलघर । इसके निर्माण में कहीं भी स्तंभ नही है । गुम्बदाकार आकृति के कारण इसकी तुलना 1627-55 में बने मोहम्मद आदिल शाहके मकबरे से की जाती है । गोलघर के अंदर एक आवाज 27 बार प्रतिध्वनित होती है ।
पृष्ठ मूल्यांकन देखें
इस पन्ने का मूल्यांकन करें।
विश्वसनीय
निष्पक्षता
पूर्ण
अच्छी तरह से लिखा हुआ।

Viewing all articles
Browse latest Browse all 3437

Trending Articles



<script src="https://jsc.adskeeper.com/r/s/rssing.com.1596347.js" async> </script>