हमारी नहीं सबकी हीरो.. : सुप्रिया रॉय तोमर
उम्र ५५ वर्ष। नाम सुप्रिया रॉय। निवास दिल्ली
सुप्रिया रॉय वैसे तो मीडिया जगत में किसी परिचय की मोहताज नहीं हैं। लेकिन आज उनकी एक अलग मुकम्मल पहचान है मीडिया से इतर…
देश के ख्यात पत्रकार आलोक तोमर के गुज़र जाने के बाद फिर से ख़ुद सम्भालना ज़ाहिर है आसान न था। तमाम सामाजिक गतिविधियां मानो रुक सी गयीं। तमाम बड़े संस्थानों में बतौर पत्रकार सेवाएँ दे चुकी सुप्रिया का मानो मीडिया से भी मोह जाता रहा और एक दौर में उन्होंने मीडिया को पूरी तरह से अलविदा कह दिया।
शौक़िया तौर पर बेहतर स्वास्थ्य के लिए उन्होंने नज़दीक के पार्क में ब्रिस्क वाक् ( तेजी से चलना) से शुरुआत की, कुछ संगी साथियों का प्रोत्साहन मिला और आज सुप्रिया वरिष्ठ आयु वर्ग में देश की एक प्रमुख एथलीट ( धावक) हैं। अभी कल ही बड़ोदरा गुजरात में चल रही नेशनल ओपन मास्टर चैम्पियनशिप में उन्होंने ४०० मीटर की दौड़ में गोल्ड मेडल व ८०० मीटर की दौड़ में सिल्वर मेडल हासिल किया है।
इससे पूर्व गत माह चेन्नई में आयोजित मास्टर चैम्पियन शिप में उन्होंने बेहतर प्रदर्शन किया था।
विपरीत परिस्थितियाँ, एकाकी जीवन, बढ़ती उम्र जिनके लिए अवसाद व बीमारियों की वजह है सुप्रिया उनके लिए एक मिसाल हैं। एक आदर्श हैं।
सुप्रिया रॉय मीडिया मिरर से बातचीत में मुस्कुराती हुयी कहती हैं कि पचपन में मेरा बचपन शुरू हो रहा है। वो कहती हैं मैं खुश हूँ और सचमुच मेरे लिए ये दौड़ एक मक़सद है जीवन के लिए। उन्होंने कहा मेडल ख़ुशी देते हैं पर दौड़ सिर्फ़ मेडल के लिए नहीं है ये मेरी ख़ुशी है… मेरा जीवन.. मेरा स्वास्थ्य
सुप्रिया दिल्ली रहती हैं। बंगाल मायका और एमपी के भिंड में ससुराल है। योग दिवस के विशेष उपलक्ष्य में हमने सुप्रिया की संक्षिप्त यात्रा प्रस्तुत की है।
🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷