हिंदी दिवस पर गुरु जी के आशीर्वचन
शिष्य दयानंद वत्स के नाम
*दयानंद वत्स* डॉ ,एस राधाकृष्णन स्मृति राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान के 39 साल बेमिसाल
हिंदी पत्रकारिता में 47सालों का सुहाना सफर: प्रो.(डॉ.) रामजीलाल जांगिड़,
पूर्व पाठ्यक्रम निदेशक,
भारतीय भाषा पत्रकारिता विभाग,
भारतीय जन-संचार संस्थान (आईआईएमसी)
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मेरा प्रतिभाशाली और कर्मठ छात्र है।
उसने 2 मार्च 1981, 26 जून 1984 और 06 जनवरी 1986 से प्रारंभ होनेवाले पत्रकारिता तथा जनसंचार पाठ्यक्रमों में मुझसे शिक्षा ली। बाद में वह कई सामाजिक संगठनों से जुड़ा रहा है |
उसने 1985 में हिन्दी के दैनिक समाचार पत्रों में सम्पादक के नाम पत्र लिखने वालों
का संगठन
*"राजधानी स्वतंत्र पत्र एवं लेखक मंच*
पंजीकृत कराया।
तदुपरांत 1990 में स्वतंत्र पत्रकारों और लेखकों का संगठन *अखिल भारतीय स्वतंत्र पत्रकार एवं लेखक संघ"दिल्ली पंजीकृत कराया। 1992में उसने
नेशनल मीडिया नेटवर्क एवं नेशनल एजुकेशनल मीडिया नेटवर्क नामक हिन्दी मासिक समाचारपत्र का प्रकाशन शुरू किया और वह दोनों ही समाचार पत्रों का संस्थापक, प्रधान संपादक
भी है। नेशनल मीडिया नेटवर्क समाचार पत्र का विमोचन राष्ट्रपति भवन में तत्कालीन राष्ट्रपति महामहिम डॉ.शंकरदयाल शर्मा ने अपने कर कमलों से किया।
उसने 1984 मे़ शिक्षकों और मीडिया कर्मियों के लिए एक पुरस्कार की स्थापना की।
वह शिक्षक दिवस पर 39 सालों से लगातार अपने द्वारा स्थापित डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन स्मृति राष्ट्रीय शिक्षक एवं मीडिया सम्मान समारोह का आयोजन कर रहा है।
मेरे आग्रह पर उसने अपनी पत्रकारीय और सामाजिक यात्राओं का विवरण लिखा है । कृपया पढ़कर अपनी राय भेजें।
प्रो. (डॉ.) रामजीलाल जांगिड
अखिल भारतीय स्वतंत्र पत्रकार एवं लेखक संघ -रजि नई दिल्ली के संस्थापक राष्ट्रीय महामंत्री शिक्षाविद् दयानंद वत्स द्वारा वर्ष 1984 में भारत के पूर्व राष्ट्रपति स्वर्गीय माननीय डॉ.एस राधाकृप्णन जी की स्मृतियों को अक्षुण्ण रखने के उद्देश्य से स्थापित भारत रत्न डॉ.सर्वपल्ली राधाकृष्णन स्मृति राष्ट्रीय शिक्षक एवं मीडिया सम्मान समारोह के आज 39साल बेमिसाल है गये हैं। लगातार 39सालों से इस समारोह का आयोजन नई दिल्ली में किया जा रहा है। शिक्षाविद् दयानंद वत्स बरवाला गांव के मूल निवासी हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय के हंसराज कॉलेज से बीए हिंदी आनर्स और एम.ए हिंदी करने के उपरांत पत्रकारिता के प्रति रुचि उसे 1982 में साउथ एक्सटेंशन पार्ट-2 नई स्थित भारतीय जन संचार संस्थान में भारतीय भाषा पत्रकारिता के पितामह प्रो(डॉ.) रामजीलाल जांगिड़ के पास खींच लाई। उस समय तक फुल टाइम डिप्लोमा या डिग्री कोर्स नहीं थे। शार्ट टर्म पाठ्यक्रम चलते थे। प्रो. जांगिड़ ने 1982 में मुझे सर्वप्रथम ग्रामोन्मुखी पत्रकारिता पाठ्यक्रम में प्रवेश दिया और मेरी हिंदी पत्रकारिता प्रशिक्षण यात्रा शुरू हो गई। हालांकि उस समय से पहले 1979में एम.ए हिंदी के फाइनल ईयर में हमारे चार पेपर हिंदी पत्रकारिता के होते थे। हिंदी विभाग के तत्कालीन अध्यक्ष प्रो.(डॉ.) सुरेश चंद्र गुप्त के प्रयासों से दिल्ली विश्वविद्यालय में एम ए हिंदी फाइनल ईयर के विद्यार्थियों को ही हिंदी पत्रकारिता पढ़ाई जाने लगी थी। मेरा सौभाग्य था कि उस शुरुआती वर्ष में ही मुझे हिंदी पत्रकारिता का ज्ञान हमारे आदरणीय गुरु जी डा.सुरेशचंद्र गुप्त से मिला।
भारतीय जन-संचार संस्थान से ही बाद में मैंने हिंदी पत्रकारिता और उप- संपादन में शार्ट टर्म प्रशिक्षण डॉ.जांगिड से लिया।
आज भारतीय जन-संचार संस्थान (IIMC)
का मेंबर हूं। बाद में 1985 में राजस्थान विश्वविद्यालय जयपुर में पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म में प्रवेश लिया और पाठ्यक्रम पूरा किया। वहां आदरणीय प्रोफेसर डॉ.रमेश चंद्र जैन और प्रो. डॉ. संजीव भानावत के मार्गदर्शन में डिप्लोमा किया। 1974 से हिंदी के राष्ट्रीय समाचारपत्रों में संपादक के नाम पत्र लिखने शुरू किए तो हजारों पत्र लिख डाले। वहां भी कीर्तिमान स्थापित किए। पत्र लेखन से सबसे बड़ा सौभाग्य मुझे यह मिला कि सभी प्रमुख राष्ट्रीय हिंदी दैनिक समाचार पत्रों के संपादक मुझे मेरे नाम से जानने और पहचाननें लगे थे। समाचार पत्रों के लाखों पाठक भी मेरे नाम से परिचित हो चुके थे। यह सिलसिला अनवरत जारी है। 1985 में मैंने संपादक के नाम पत्र लिखने वाले पत्र लेखकों का एक संगठन राजधानी स्वतंत्र पत्र लेखक मंच के नाम से रजिस्टर्ड कराया। इसी संस्था के बैनर के नीचे 1990 तक दिल्ली विधानसभा और दिल्ली नगर निगम के मुख्यालय टाउनहॉल, चांदनी चौक में
सर्वपल्ली डॉ.एस राधाकृष्णन जयंती पर डॉ एस राधाकृष्णन स्मृति राष्ट्रीय शिक्षक एवं मीडिया समारोह आयोजित किए। 1984में तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी की हत्या के बाद उनकी जनमानस में बनी लौह महिला की छवि को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए मैंने 1985 में श्रीमती इंदिरा गांधी स्मृति राष्ट्रीय महिला शक्ति सम्मान की स्थापना की और 1985 से आजतक इसे हर साल उनकी जयंती पर 19 नवंबर को महिला सशक्तिकरण में अग्रणी भूमिका निभाने वाली शख्सियतों को यह सम्मान दे रहे हैं।
दिल्ली विधानसभा के कमेटी रुम और टाउनहॉल की निगम रंगशाला में हमने कई सालों तक बाबा साहब डॉ.भीमराव अंबेडकर जयंती, डॉ.एस राधाकृष्णन जयंती, नेताजी सुभाष चन्द्र बोस जयंती, मुंशी प्रेमचंद जयंती समारोह आयोजित किए। उस समय महानगर परिषद् होती थी। इसमें एक मुख्य कार्यकारी पार्षद और कई कार्यकारी पार्षद होते थे। उस समय के कार्यकारी पार्षद विकास चौधरी प्रेम सिंह, शिक्षामंत्री श्री कुलानंद भारतीय, स्वास्थ्य मंत्री श्री बंसीलाल और दिल्ली नगर निगम के मेयर श्री महेंद्र सिंह साथी, निगम पार्षद श्री राजेश यादव जी हमारे सभी समारोहों के मुख्य अतिथि रहे
बाद में 1990 में मैंने अखिल भारतीय स्वतंत्र पत्रकार एवं लेखक संघ की स्थापना की और इसे रजिस्टर्ड कराया। अब पहले से चल रहे सभी कार्यक्रम पूर्ववत संघ के बैनर तले चल ही रहे हैं। संघ लगातार सभी राष्ट्रीय नेताओं, लेखकों, राष्ट्रीय संतो, महात्माओं समाजसेवियों और पत्रकारों की जयंती और पुण्यतिथि मनाता है ताकि भावी युवा पीढ़ी को उनके जीवन, व्यक्तित्व और कृतित्व से परिचित कराया जा सके। संघ के 39सालों के कालखंड में आयोजित सभी समारोहों, विचार गोष्ठियों में तत्कालीन राष्ट्रपति माननीय डॉ.शंकर दयाल शर्मा, ज्ञानी जैल सिंह, श्री के आर नारायणन, तत्कालीन प्रधानमंत्री श्री इंद्र कुमार गुजराल, तत्कालीन लोकसभा अध्यक्ष माननीय श्री बलराम जाखड़, श्री रविवार, श्री शिवराज वी पाटिल, श्री पी.ए संगमा, केंद्रीय गृह मंत्री माननीय श्री मुफ्ती मोहम्मद सईद, श्री शिवराज पाटिल, तत्कालीन केंद्रीय खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री भारत सरकार श्री नाथूराम मिर्धा, केंद्रीय संचार मंत्री श्री जनेश्वर मिश्रा, केंद्रीय रेल एवं कृषि राज्य मंत्री रहे श्री के ही लैंका, केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री श्री अजित कुमार पांजा, केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण उप-मंत्री आदरणीया डॉ गिरिजा व्यास, केंद्रीय पर्यावरण मंत्री श्री कमलनाथ, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन, केंद्रीय खेल और युवा मामलों एवं प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री रहे माननीय श्री विजय गोयल जी, केंद्रीय श्रम मंत्री माननीय श्री साहिब सिंह वर्मा, केंद्रीय मंत्री श्री उत्तम भाई पटेल, केंद्रीय मंत्री आस्कर फर्नांडीज, केंद्रीय गृह राज्यमंत्री श्री शकील अहमद, केंद्रीय मंत्री श्री हरीश रावत, केंद्रीय कृषि मंत्री रहे डॉ बलराम जाखड़, तत्कालीन केंद्रीय शिक्षामंत्री श्री एल.पी शाही, केंद्रीय इस्पात मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह, केंद्रीय गृह राज्यमंत्री श्री अजय माकन, केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री माननीय श्री रामदास आठवले जी, केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री श्रीमती मीनाक्षी लेखी, अभिनेता और सांसद श्री राजेश खन्ना राज्य सभा सांसद श्री रामचन्द्र विकल,श्री थामस संगमा, सांसद चौधरी तारीफ सिंह, सांसद श्री संदीप दीक्षित,सांसद श्री जयप्रकाश अग्रवाल, चौधरी भरत सिंह सांसद श्री महाबल मिश्रा, सांसद श्री उदित राज जी संघ संचालित जयंती, पुण्यतिथि, राष्ट्रीय सेमिनार, सम्मेलनों में पधारते रहे।
इस कड़ी में दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष माननीय श्री चलती लाल गोयल, चौधरी प्रेम सिंह, डॉ योगानंद शास्त्री, श्री अजय माकन, श्री एम.एस धीर और माननीय श्री रामनिवास गोयल ने भी हमारे कार्यक्रमो में मुख्य अतिथि के रुप में आकर संघ का गौरव बढ़ाया।
तत्कालीन मुख्य कार्यकारी पार्षद जिसे अब मुख्यमंत्री कहते हैं माननीय श्री जगप्रवेश चंद्र, कार्यकारी पार्षद शिक्षा श्री कुलानंद भारतीय, स्वास्थ्य मंत्री श्री बंसीलाल चौहान,
कार्यकारी पार्षद विकास चौधरी प्रेम सिंह,
दिल्ली के पहले मुख्यमंत्री चौधरी ब्रह्म प्रकाश जी,मुख्यमंत्री श्री मदनलाल खुराना, पहले शिक्षामंत्री और बाद में दिल्ली के मुख्यमंत्री रहे श्री साहिब सिंह वर्मा, श्रीमती शीला दीक्षित, श्री अरविन्द सिंह लवली जी, श्री राजकुमार चौहान, शिक्षामंत्री डॉ नरेंद्र नाथ, श्री मंगतराम सिंघल डॉ .हर्षवर्धन जी प्रमुख थे।
दिल्ली नगर निगम के मेयर माननीय श्री महेंद्र सिंह साथी, शांति देसाई, श्रीमती आरती मेहरा, श्रीमती रजनी अब्बी, श्री आदेश गुप्ता भी संघ के कार्यक्रमों में आए।
1992में मैंने नेशनल मीडिया नेटवर्क समाचार पत्र का प्रकाशन शुरू किया। 1993में पहले नेशनल मीडिया नेटवर्क फिल्म अवार्ड के लिए निर्माता निर्देशक यश चोपड़ा की फिल्म को सर्वश्रेष्ठ फिल्म के लिए चुना। मेरे अनुरोध पर सुप्रसिद्ध फिल्म निर्माता और निर्देशक माननीय श्री यश चोपड़ा जी नई दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब आफ इंडिया रफी मार्ग पर आए और डर फिल्म के लिए सर्वश्रेष्ठ फिल्म का नेशनल मीडिया नेटवर्क फिल्म अवार्ड मुख्य अतिथि सांसद जयप्रकाश अग्रवाल जी से ग्रहण किया। मूवी जेम्स के वितरक श्री अभय ललित कोठारी जी और दिल्ली के फिल्म पीआरओ श्री ओमप्रकाश कत्याल, सांध्य टाइम्स के फोटो जर्नलिस्ट श्री एस.के.शर्मा
बाद में दिल्ली के फिल्म समीक्षकों माननीय श्री बच्चन श्रीवास्तव, रविरंजन पांडे, चंद्रमोहन शर्मा अपराध संवाददाताओं और दिल्ली पुलिस के सीनियर आईपीएस अधिकारियों को अपने हाथ से अवार्ड दिए। यह अवार्ड शो एक इतिहास बन गया था क्योंकि इससे पहले और बाद में भी यश चोपड़ा जी कभी कोई फिल्म अवार्ड लेने दिल्ली नहीं आए। यह हमारा परम सौभाग्य ही था कि मेरे बुलावे पर वह आए और सबसे बड़ी बात अपने खर्चे से आए। उन्हें एयरपोर्ट से कांस्टीट्यूशन क्लब तक तत्कालीन डीसीपी ट्रैफिक माननीय श्री कमल अहमद लेकर आए थे और वहीं उन्हें वापिस एयरपोर्ट विदा करने गये थे। आज यदि मैं किसी को यह वाक्या बताऊं तो कोई यकीन नहीं करेगा कि दयानंद वत्स ने अपने प्रोग्राम में मशहूर फिल्म निर्माता निर्देशक श्री यश चोपड़ा को बुलाया था। यश जी से बाद में भी कई मर्तबा मिलना हुआ। एक बार तब जब वह दादा साहब फाल्के पुरस्कार लेने नई दिल्ली आए थे। दिल्ली पुलिस के अनेकों आईपीएस , आईएएस अधिकारियों संघ के कार्यक्रमों में पधार कर संघ का गौरव बढ़ाया है। जिनमें कई दिल्ली के पुलिस कमिश्नर बने, सीबीआई के डायरेक्टर बने, ईडी के डायरेक्टर बने। सबने दिल खोलकर अपना प्यार दिया।
नेशनल मीडिया नेटवर्क समाचार पत्र मेरे लिए वरदान साबित हुआ। इसमें अधिकतर हम फिल्मों से जुड़ी सामग्री प्रकाशित करते थे। फिल्म इंडस्ट्री में नेशनल मीडिया नेटवर्क ने अपना एक अलग ही मुकाम बना लिया था। समाचार पत्र टेबलायड साईज का था, छोटा पत्र था उपर से मासिक भी। फिर भी नेशनल मीडिया नेटवर्क का ऐसा जादू चला कि भारत के महानतम अभिनेता दिलीप कुमार साहब, उनकी धर्मपत्नी सायरा बानो, अभिनेता सुपर स्टार सलमान खान,ग्रेट एक्टर नाना पाटेकर, अनु कपूर , गीतकार शायर मजरुह सुलतानपुरी, गुलजार साहब, निर्माता बोनी कपूर, निर्माता निर्देशक चेतन आनंद, आमिर खान के पिता निर्माता श्री ताहिर हुसैन, सदाबहार हीरो अनिल कपूर संगीतकार रवि,अनु मलिक, अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा, गोविंदा, अभिनेत्री रवीना टंडन, पल्लवी जोशी, सुरेखा सीकरी से मिलने उनसे नजदीकी बैठकर बात करने का सौभाग्य मिला। वीनस कैसेट और युनाइटेड सेवन मूवीज के मालिक एवं प्रोड्यूसर श्री रतन जैन सहित उनके सभी जैन बंधु भाईयों से मेरी बड़ी ही गर्मजोशी से मुलाकात हुई। बातचीत हुई और फिर मैंने उन्हें सम्मानित किया। पार्श्व गायक उदित नारायण, शब्बीर कुमार, पार्श्व गायिका सपना मुखर्जी, कविता कृष्णमूर्ति, अभिनेता दिलीप ताहिल, गुलशन ग्रोवर, टाइम कैसेट के मालिक और निर्माता धीरज भाई वाह, फिल्म सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष रहे फिल्म निर्माता निर्देशक श्री पहलाज निहलानी जी, परमवीर चक्र के निर्माण मिस्टर कौल और भी ना जाने कितने ही धुरंधर फिल्मकारों के साथ मुलाकातें चलती रहीं हैं। नेशनल मीडिया नेटवर्क समाचार पत्र ने मुझे शौहरत की बुलंदियों पर पहुंचाया।
लब्बोलुआब यह है कि राजधानी स्वतंत्र पत्र लेखक मंच और अखिल भारतीय स्वतंत्र पत्रकार एवं लेखक संघ तथा नेशनल मीडिया नेटवर्क की जुगलबंदी के कारण यह 39साल मेरे लिए बेमिसाल रहे हैं।
इन 39सालों में लगभग 4 हजार विशिष्ठ विभूतियों को शिक्षा, चिकित्सा , कला और संस्कृति, रंगमंच, फिल्म, टीवी, साहित्य, पत्रकारिता, समाजसेवा, महिला सशक्तिकरण, पर्यावरण संरक्षण, राष्ट्रीय एकता, अखंडता और सांप्रदायिक सौहार्द के क्षेत्र में सराहनीय सेवाओं और उल्लेखनीय योगदान देने के लिए संघ ने सम्मानित किया है। मुझे आज भी याद है जब दिल्ली विधानसभा में आयोजित शिक्षक दिवस समारोह में नवभारत टाइम्स के तत्कालीन संपादक माननीय श्री अक्षय कुमार जैन पधारे थे और उन्होंने बड़ी विनम्रता से डा एस राधाकृष्णन स्मृति राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार दिल्ली के तत्कालीन शिक्षा मंत्री के हाथों ग्रहण किया। अपने संबोधन में श्री अक्षय कुमार जैन ने कहा कि आज उन्हें अपने स्कूली दिनों की यादें ताजा हो गई हैं जब स्कूल में किए अच्छे काम के लिए पुरस्कार मिलता था। आज जब मुझे यह पुरस्कार मिल रहा है तो मुझे मेरा बचपन याद आ गया। ऐसे थे नवभारत टाइम्स के संपादक माननीय श्री अक्षय कुमार जैन साहब। मेरे एक अनुरोध पर उन जैसा महान संपादक मुझ जैसे पत्र लेखक के कार्यक्रम में ना केवल उपस्थित हुए बल्कि मेरी हौसला अफजाई भी की। आज नेशनल मीडिया नेटवर्क का संपादन करते 31सालबीत गये हैं। उनके और डॉ जाकिर के आशीर्वाद से ही मैं प्रधान संपादक के पद तक पहुंच सका।
ऐसे ऐसे काम किए जो कोई सोच भी नहीं सकता। नवभारत टाइम्स के तत्कालीन संपादक माननीय श्री राजेन्द्र माथुर, अज्ञेय जी, दैनिक हिंदुस्तान के समाचार संपादक माननीय श्री विश्वामित्र उपाध्यक्ष, दैनिक हिंदुस्तान के फीचर एडिटर माननीय श्री शरदेंदु जी, श्री दुर्गा प्रसाद नौटियाल, आकाशवाणी के समाचार संपादक श्री रामबिहारी विश्वकर्मा, श्री सुभाष सेतिया, दूरदर्शन के। कृषि दर्शन के प्रोड्यूसर चौधरी रघुनाथ सिंह, प्रकाशन विभाग भारत सरकार के महानिदेशक पद्मश्री श्याम सिंह शशि के सान्निध्य में दयानंद वत्स जैसा एक साधारण दिल्ली के गांव बरवाला का बालक पुष्पित और पल्लवित हो सका।
कभी अपने काम का ढिंढोरा नही पीटा।
इस शिक्षा, मीडिया की यात्रा में 2019में एक और अध्याय तब जुड़ा जब रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया आठवले के राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय श्री रामदास आठवले जी ने मुझे पश्चिमी दिल्ली लोकसभा क्षेत्र से चुनाव मैदान में उतारा। आरपीआई आठवले एनडीए का एलायंस है इसलिए भाजपा उम्मीदवार श्री प्रवेश साहिब सिंह को अपना समर्थन तत्कालीन रक्षा मंत्री माननीय श्री राजनाथ सिंह जी की उपस्थिति में सागरपुर की जनसभा में दे दिया। दिल्ली प्रदेश रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया आठवले में प्रदेश उपाध्यक्ष एवं प्रवक्ता भी रहा हूं।
यह सिलसिला लगातार जारी है। जब यह सिलसिला शुरू किया तब 1984 में मैं नौजवान था और अब 39वें समारोह में उम्र के 67वें पायदान पर हूं। लेकिन अपनी पूरी ऊर्जा और क्षमता और निष्ठा से काम में लगा हूं। ईश्वर की कृपा से मुझे डा रामजीलाल जांगिड़ जैसे सद्गुरु मिले। पद्म विभूषण डॉ. सत्यव्रत शास्त्री, पद्मश्री डॉ.श्यामसिंह शशि, मेरे हंसराज कालेज के गुरूजी दिल्ली विश्वविद्यालय क्षेत्र से महानगर पार्षद रहे आदरणीय डॉ.प्रशांत वेदालंकार, डॉ जी आर साहनी जी, श्री दुर्गा प्रसाद नौटियाल, दूरदर्शन में कृषि दर्शन के प्रोड्यूसर रहे चौधरी रघुनाथ सिंह, संघ के पहले अध्यक्ष रहे डॉ.कुलदीप शर्मा, वर्तमान अध्यक्ष माननीय श्री प्रेम सिंघानिया जी, देवली गांव के चौधरी मान सिंह, श्री वेदप्रकाश गुप्ता जी, मेरे गांव के ही मेरे अभिन्न मित्र श्री रामकिशन पूनिया, श्री एम एन शर्मा जी सहित संघ के उस समय कश्मीरी गेट में कपड़े के बैनर बनाने वाले शर्मा जी, हमारे कंप्यूटर डिजाइनर रिंकू जी, शिव कुमार जी,सूरज और देवेश जी। शिवालिक ग्राफिक्स के संजय जी और यश जी ने सब काम रोककर मेरा काम पहले कराया।
ट्राफी निर्माता और मेरे भाई माननीय श्री सुनील जैन, सर्टिफिकेट लेमिनेशन वाले राहुल भाई, हडसन लेन में मलिक कलर लैब के मालिक मेरे जिगरी दोस्त श्री सुरेंद्र मलिक साहब, मेरे परिवार में मेरी पत्नी,सुपुत्र डॉ.और सुपुत्रियां ने हर कार्यक्रम की सारी व्यवस्थाएं बखूबी संभाली। सभी समारोहों में संचालक की भूमिका निभाने वाले मशहूर टीवी एंकर और डायरेक्टर के पद पर आसीन मेरे अज़ीज़ डॉ.तरुण बजाज आपके ही दम पर सब हिट रहा। प्रिंट और इलेक्ट्रोनिक मीडिया के मेरे सीनिपर्स, सभी सहयोगियों ही हैं जिन्होंने यह सफर सुहाना बनाया।
सभी कंप्यूटर आपरेटर्स, आटो वाले मेरे अनजान मित्रों आप ही वह सब हैं जिनकी बदौलत मैं पिछले 39साल बेमिसाल बन पाए।
दयानंद वत्स बरवाला
Daya Nand Vats
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इस आलेख में बहुत सी बातें, बहुत सारे शुभचिंतकों के नाम छूट गये हैं। उन्हें जल्दी ही शामिल करुंगा।
गुरुजी डॉ जांगिड़ का आदेश था सो लिख पाया।
गुरुजी आपके चरणों की धूल, दयानंद वत्स बरवाला
शिक्षाविद् एवं वरिष्ठ पत्रकार दयानंद वत्स
संस्थापक प्रधान समूह संपादक,
नेशनल मीडिया नेटवर्क
ग्रुप आफ न्यूज पेपर्स, नई दिल्ली,
भारत।
"जहां डाल डाल पर सोने की चिड़िया करती है बसेरा,
वो भारत देश है मेरा"