'संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल 22 भाषाओं को याद रखने के लिए एक सरल उपाय है,
निम्नलिखित अनुच्छेद को याद कर लें:
'अनेक भाषाएँ संस्कृत से जन्मी हैं। आज पंजाब की हीर-मणियाँ कहीं गुम हो गई हैं। मैं मानता हूँ,अमीर ख़ुसरो की बेटियाँ हिंदी-उर्दू तो बहनें हैं और Lसिंधी उनकी पड़ोसन है। ऐसे में,तेरा-मेरा करने से, तुम्हारे तमकने से या संकोच से नहीं,बोलने से और देशभर में डोलने से ही ये भाषाएँ पनपेंगी। अच्छा बताओ,'इक बंगला बने न्यारा'गीत किसने गाया है?
ऊपर कुछ शब्दों में छिपी हैं ये 22 भाषाएँ :
०अनेकःअसमी,नेपाली,कश्मीरी।
०पंजाब : पंजाबी। ०मणियाँ:मणिपुरी।
० गुम: गुजराती,मराठी।
०मैं:मैथिली।
०उनकी:उडि़या।
०तेरा: तेलुगू।
०तमकने:तमिल,मलयालम,कन्नड़।
०संकोच: संथाली,कोंकणी।
०बोलने:बोडो।
०डोलने:डोगरी।
संस्कृत,हिंदी,उर्दू,सिंधी और बंगला।
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इन भाषाओं को कविता के रूप में और भी सरलता से याद किया जा सकता है :
'संस्कृत सिंधी संथाली
हिंदी उर्दू और नेपाली
तमिल तेलुगू मलयालम
असमी उड़िया बंगाली
कश्मीरी औ डोगरी,साथ रहें दिन-रात।
और मराठी नित करे, गुजराती से बात।।
कन्नड़ बोडो कोंकणी,मणिपुरी इतराय।
पंजाबी भँगड़ा करे,मैथिलि बलि-बलि जाय।।
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--- किशोर कुमार कौशल
16/09/2022
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