मैकाले ने बाबू बनाया, नई शिक्षा निति मालिक बनाएगी - प्रो. राज कुमार
राष्ट्रीय शिक्षा नीति में मैनेजमेंट शिक्षकों की भूमिका पर वेब संगोष्ठीमहू (इंदौर). ‘मैकाले की शिक्षा ने बाबू पैदा किये और हमने नौकर. अब वक्त आ गया है कि हम मालिक बनाए और यह अवसर मिला है नेशनल एजुकेशन...
View Articleइस तरह होता हैं बारिश का अनुमान / श्री कृष्ण जुगनू
बारिश के अनुमान कैसे कैसे ? / श्री कृष्ण जुगनूबारिश, एक जरूरत, एक अहम आवश्यकता। जल ही जीवन है, हमारे शास्त्रों में जल के 100 पर्यायवाची मिल जाते हैंं, मगर इसका विकल्प एक भी नहीं, सच है न। इस बारिश...
View Articleइलाज के नाम पर दवाईयो का गोरखधंधा
*काली कमाई के रास्ते खत्म कर दिए जाएँ , नोट बंदी की जरूरत ही क्यों होगी ?*मैं एक डॉक्टर हूं, और इस लिए*"सभी ईमानदार डॉक्टर्स से क्षमा सहित प्रार्थना ...! "*• ........हार्ट अटैक "हो गया ...डॉक्टर कहता...
View Articleकोरोना काल के बाद मीडिया की भूमिक्स
कोरोना काल के बाद मीडिया की बदलती भूमिका पर संगोष्ठीमीडिया को दृष्टिकोण बदलना चाहिए- उपासनेमहू (इंदौर). कोरोना के साथ हमें जीने की आदत डालनी होगी. कोरोना ने मीडिया को एकाएक बदल दिया है और मीडिया इस...
View Articleपिता की विरासत को थाम लिया राकेश टिकैत ने
भाजपा के लिए आफत बनते जा रहे राकेश टिकैतCHARAN SINGH RAJPUT-तीन नये किसान कानूनों को वापस कराने के लिए दिल्ली बार्डर पर चल रहे किसान आंदोलन का चेहरा बन चुके राकेश टिकैत भाजपा के लिए लगातार आफत बनते जा...
View Articleकमर दर्द / हाय रहा जाय न सहा जाय /
*अक्सर लोग सोचते हैं कि कमर दर्द का कारण बढ़ती उम्र है लेकिन ऐसा जरूरी नहीं। कई बार गलत तरीके से उठने-बैठने, चोट,खान-पान में गड़बड़ी,गर्भावस्था या फिर और भी बहुत कारणों से कमर में दर्द हो सकता है। कमर...
View Articleगांव के लोग का दलित अंक 2021
‘गाँव के लोग’ पत्रिका का दलित विशेषांक (जनवरी-फरवरी, 2021) जून में प्रकाशित होकर आया है. 360 पृष्ठों का यह विशाल विशेषांक सुगठित है. अपने आकार में बड़ा होने के बावजूद यह व्यवस्थित अंक है. डॉ. एन. सिंह...
View Articleझारखंडे राय : जिसकी अर्थी भी चंदे से उठी..!
झारखंडे राय : जिसकी अर्थी भी चंदे से उठी..! / अरविंद सिंह ० एक बार मंत्री, 3बार सांसद और 4 बार विधायक रहे इस जननेता ने आजादी के बाद भी 18 बार जेल यात्राएं की० ब्रितानिया हुकूमत ने उन्हें 21 साल का...
View Articleविष्णु प्रभाकर पर प्रकाश मनु - ( साभार )
कल प्रसिद्ध लेखक विष्णु प्रभाकर की जयंती थी। विष्णु प्रभाकर का नाम आते ही उनकी अमर कृति ‘आवारा मसीहा’ की याद आ जाती है। उसी बहाने उनको याद किया है वरिष्ठ लेखक प्रकाश मनु...
View Articleनेहरू, कार्टूनिस्ट शंकर और मीडिया की अहमियत / कुमार नरेंद्र सिंह
एक नेहरू थे जिन्होंने कभी कार्टूनिस्ट शंकर से कहा था, 'शंकर मुझे भी मत बख्शना'. एक आज के नेता हैं जो ट्विटर और फेसबुक से नोटिस भिजवाने से लेकर थानेदार से एफआईआर करा देते हैं.मशहूर कार्टूनिस्ट शंकर और...
View Articleशहीद भगत सिंह की नास्तिकता
भगत सिंह की बैरक की साफ-सफाई करने वाले भंगी का नाम बोघा था। भगत सिंह उसको बेबे (मां) कहकर बुलाते थे। जब कोई पूछता कि भगत सिंह ये भंगी बोघा तेरी बेबे कैसे हुआ? तब भगत सिंह कहता, मेरा मल-मूत्र या तो...
View Articleउनकी आंखों में था अखंड भारत का सपना
बलिदान दिवस(23 जून) पर विशेष / डा.श्यामा प्रसाद मुखर्जी- प्रो.संजय द्विवेदी भूमि, जन तथा संस्कृति के समन्वय से राष्ट्र बनता है। संस्कृति राष्ट्र का शरीर, चिति उसकी आत्मा तथा विराट उसका प्राण है।...
View Articleदुनियां के लिए ये 10 अबुझ रहस्य
*दुनिया खोज रही है ये 10 रहस्य, आप भी जानिए...*पहले बल्ब का जलना, विमान का उड़ना, सिनेमा और टीवी का चलन, मोबाइल पर बात करना और कार में घूमना एक रहस्य और कल्पना की बातें हुआ करती थीं। आज इसके आविष्कार...
View Articleचंद्रशेखर आज़ाद की क़ुरबानी
“अरे बुढ़िया तू यहाँ न आया कर, तेरा बेटा तो चोर-डाकू था, इसलिए गोरों ने उसे मार दिया“ जंगल में लकड़ी बीन रही एक मैली सी धोती में लिपटी बुजुर्ग महिला से वहां खड़े व्यक्ति ने हंसते हुए कहा, “नही चंदू ने...
View Articleमीडिया ने कभी नहीं बताया ??
😷😷😷😷😷😷😷😷😷😷 *Breaking News*media ने कभी ये बताया ??nestle कंपनी खुद मानती है कि वे अपनी चाकलेट kitkat मे बछड़े के मांस का रस मिलाती है _________________________Media ने कभी ये बताया ???कि मद्रास high...
View Articleसंगीतकार नितेश तिवारी से साजन संजय सिन्हा की बातचीत
*दिल को छूता है रूहानी संगीत – संगीतकार नितेश तिवारी से साजन संजय वर्मा की खास बातचीतविशेष साक्षात्कार*संगीत दिल से निकलता है. संगीत का संबंध आत्मा से है और यह दिलों को दिलों से जोड़ता है, क्योंकि इसमें...
View Articleकितने कश्मीर हाउस / विवेक शुक्ला
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज जम्मू- कश्मीर के शिखर नेताओं से राज्य के भविष्य को लेकर बात करने वाले हैं । इसलिए इंडिया गेट से कुछ आगे पृथ्वीराज रोड पर स्थित जम्मू-कश्मीर हाउस में गुजरे कुछ दिनों से...
View Articleयह उपभोक्तावादी समय है- शाहा
‘वसुधैव कुटुंबकंम एवं विश्व शांति एवं सद्भाव’ विषय पर अंतर्राष्ट्रीय वेबीनारमहू (इंदौर). ‘वर्तमान समय उपभोक्तावादी समय है. इस काल में संस्कृति और पर्यावरण का लगातार नुकसान हो रहा है. संस्कृति और...
View Articleकोविद -19: क्या सच, क्या झूठ
🇮🇳🤔🇮🇳 _सच और झूठ के बीच क्या विचारणीय है??प्रस्तुति --- सुनील सहाय *चीनी वायरस की तीसरी लहर और Phizer के नेतृत्व मे चली जा रही फार्मा लॉबी की शातिराना चालों को क्रमवार समझिए ..** पॉईंट को क्रमवार...
View Articleसाहित्य में महामारी: महामारी में साहित्य'विषयक राष्ट्रीय संगोष्ठी
राजधानी कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय के अंग्रेजी साहित्य परिषद ने 30 जून, 2021 को ऑनलाइन माध्यम से साहित्य पर महामारी के प्रभाव पर एक राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया।डॉ. युइमिरिन कपाई (विभागाध्यक्ष,...
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