भारत की जल संस्कृति-31/ मोहन चंद तिवारी
उत्तराखंड में वनों की कटाई से संकट में जलस्रोत लेखक:- डॉ. मोहन चंद तिवारीउत्तराखण्ड में जल-प्रबन्धन-2प्राकृतिक जल संसाधनों जैसे तालाब, पोखर, गधेरे, नदी, नहर, को जल से भरपूर बनाए रखने में जंगल और...
View Articleभारत की जल संस्कृति-29 / मोहन चंद तिवारी
भारत के विभिन्न क्षेत्रों में परंपरागत जल संचयन प्रणालियां डॉ. मोहन चंद तिवारीभारत में जलसंचयन और प्रबन्धन का इतिहास हजारों वर्ष पुराना है. विभिन्न प्रांतों और प्रदेशों में परम्परागत जलसंचयन या ‘वाटर...
View Articleभारत की जल संस्कृति-28 / मोहन चंद तिवारी
चक्रपाणि मिश्र के अनुसार भारत के पांच भौगोलिक जलागम क्षेत्रों का पारिस्थिकी तंत्र - डॉ. मोहन चंद तिवारीचक्रपाणि मिश्र ने ‘विश्ववल्लभ-वृक्षायुर्वेद’ में भारतवर्ष के विविध प्रदेशों को जलवैज्ञानिक धरातल...
View Article. प्रो.ऋषभदेवशर्मा की तपस्या का फल है #धूप_के_अक्षर : #निशंक
हैदराबाद,. भारत के पूर्व शिक्षा मंत्री और प्रसिद्ध लेखक डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने दक्षिण भारत हिंदी प्रचार सभा, खैरताबाद, हैदराबाद के सभागार में आयोजित एक भव्य समारोह में #ऋषभदेवशर्माअभिनंदनग्रंथ...
View Articleडॉक्टर्स के लिए पेशेंट की सुरक्षा सर्वोपरिः डॉ. भौमिक
तीर्थंकर महावीर मेडिकल कॉलेज एंड रिसर्च सेंटर और नेशनल एसोसिएशन ऑफ फॉर्माक्लोजी एंड थेरप्यूटिक की ओर से मेडिकेशन एरर्स एंड पेशेंट सेफ्टी पर ऑनलाइन गेस्ट लेक्चर का आयोजन ख़ास बातेंहमेशा कैपिटल लैटर्स और...
View Articleरवि अरोड़ा की नजर से....
मां काली या पेट खाली / रवि अरोड़ाकई दशकों तक विभिन्न अखबारों में कलम घसीटने के बावजूद मैं यह समझने में पूरी तरह नाकाम हूं कि आजकल के संपादक यह कैसे तय करते हैं कि कौन सी खबर खबर है और कौन सी नहीं...
View Articleभारतीय_स्वाभिमान का ध्वज बन कर उतरता था।
#दूरदर्शनवह #फील्ड में केवल एक खिलाड़ी बन कर नहीं, # बहुत पहले एक इंटरव्यू में वेस्टइंडीज के कथित महान बल्लेबाज विवियन रिचर्ड्स ने कहा था, "हम भारत में क्रिकेट खेलने नहीं आते हैं। हम भारत मे...
View Articleभारत की जल संस्कृति-34 /
उत्तराखंड के ऐतिहासिक नौले : जल संस्कृति की अमूल्य धरोहर डॉ. मोहन चंद तिवारीउत्तराखण्ड में जल-प्रबन्धन-5उत्तराखंड की जल समस्या को लेकर मैंने पिछली अपनी पोस्टों में परम्परागत जलप्रबंधन और वाटर...
View Articleभारत की जल संस्कृति-33 / मोहन चंद तिवारी
संकट में है उत्तराखण्ड जलप्रबन्धन के पारम्परिक जलस्रोतों का अस्तित्वलेखक:- डॉ. मोहन चंद तिवारीउत्तराखण्ड में जल-प्रबन्धन-4उत्तराखंड के जल वैज्ञानिक डॉ. ए.एस. रावत तथा रितेश शाह ने ‘इन्डियन जर्नल ऑफ...
View Articleद्रौपदी मुर्मू की यह सादगी सरलता सहजता विनम्रता..
जब मैं भुवनेश्वर में डिप्टी कलेक्टर थी तभी एक दोपहर सरकारी दौरे के बाद जब मैं अपने दफ्तर लौटी तो वहाँ एक महिला को अपने कार्यालय के बरामदे मे बैठे देखा। मैंने उसे बुलाकर आने का कारण पूछा तो उसने बताया...
View Articleटीएमयू बड़े फनकारों के सुर और ताल से होगा गुलज़ार
आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष के उपलक्ष्य में तीन दिनी कल्चर फेस्ट- परंपरा का तेरह जुलाई से होगा शुभारंभ, पदम भूषण एवम् ग्रैमी अवार्ड विजेता पंडित विश्व मोहन भट्ट करेंगे महफिल का आगाज़ख़ास बातेंसंस्कृति...
View Articleमेरे पापा / शशि शेखर
इस आलेख को अवश्य पढ़ें । पेशेवर पत्रकारिता से परे यह ऐसा निजी बयान है , जिसे बीस बरस पहले संसार के तमाम महान पिताओं की स्मृति और अपने पिता के सम्मान में दर्ज किया था ।मेरे पापा-----बरसों पहले। वह मेरा...
View Articleअशोक स्तंभ के साथ खेल / विवेक शुक्ला
कितना न्याय किया मूर्तिकारों ने अशोक स्तंभ से,? मूर्तिशिल्पियों लक्ष्मण व्यास और सुनील देवड़े ने गढ़ा है उस अशोक स्तंभ को, जिसे देश की नई संसद की छत पर स्थापित करने के साथ ही विवाद खड़ा हो गया है।...
View Articleबहुत जरूरी उपयोगी
VERY VERY इम्पोर्टेन्ट हो सकता है यह बातें उपयोग लायक हों और लाभकारी सिद्ध हो जाएं।*आप शायद नहीं जानते कि आपके मोबाइल फोन से क्या क्या किया जा सकता है ?*आपातकाल में मोबाइल फोन वास्तव में आपके रक्षक...
View Articleलॉकडाउन में कला / गीताश्री
नाम त्रिभुवन ! मगर सारे भुवन नाप लिए. उनके कदमों में वामन की गति - यति देखी जा सकती है . पहाड़ी रास्ते जानते हैं कि एक दीवाना - बंजारा हज़ारों किलोमीटर दूर से मोटर साइकिल घरघराता हुआ उसके दामन में आकर...
View Articleगंगा जल सा कोई नहीं
गंगा जल: ( औषधीय परीक्षण के निष्कर्ष )प्रस्तुति -: रेणु दत्ता / आशा सिन्हा अमेरिका में एक लीटर गंगाजल 250 डालर में क्यों मिलता है ? सर्दी के मौसम में कई बार खांसी हो जाती है। जब डॉक्टर से खांसी ठीक...
View Articleकुछ तो सीखो भारत दूसरों से
उरुग्वे एक ऐसा देश है, जिसमे औसतन हर एक आदमी के पास 4 गायें हैं और पूरे विश्व में वो खेती के मामले में नम्बर वन की पोजीशन में है! सिर्फ 33 लाख लोगों का देश है और 1 करोड़ 20 लाख 🐄 गायें है!हर एक गाय के...
View Articleसामूहिक बलात्कार है वेश्यावृत्ति -जगदीश्वर चतुर्वेदी
मैं कोलकाता में सत्ताइस साल रहा हूँ और इस महानगर मे वेश्यावृत्ति बड़े पमाने पर होती है। शहर में अनेक बड़े अड्डे हैं। कोलकाता वेश्यावृत्ति को इंडोर और आउटडोर दोनों ही स्थानों में सहज ही देख सकते हैं।...
View Articleसबसे मंहगा ग्लोबल ब्रॉण्ड बाबा रामदेव-/ जगदीश्वर चतुर्वेदी
मुझे बाबा रामदेव अच्छे लगते हैं। वे इच्छाओं को जगाते हैं आम आदमी में जीने की ललक पैदा करते हैं। भारत जैसे दमित समाज में इच्छाओं को जगाना ही सामाजिक जागरण है। जो लोग कल तक अपने शरीर की उपेक्षा करते थे,...
View Articleहोके मजबूर मुझे उसने भुलाया होगा.../ विवेक शुक्ला
अलविदा भूपिंदर सिंह-होके मजबूर मुझे उसने भुलाया होगा... चीन के साथ 1962 की जंग में उन्नीस रहने के बाद देश हताशा में डूबा हुआ था। उसी के बाद उस युद्ध की पृष्ठभूमि पर बनी चेतन आनंद की फिल्म हकीकत आई। यह...
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