बाल सुरक्षा पर पुस्तिका
बाल-सुरक्षाबाल अधिकारों को समझनासुरक्षा का अधिकारसुरक्षा एवं कानूनबाल-सुरक्षाआपने जॉर्ज बर्नार्ड शॉ की प्रसिद्ध उक्ति सुनी होगी - 'मेरी दृष्टि में मानव मुक्ति शिक्षा से ही संभव है।'प्राचीन काल से...
View Articleअजब गांवों की गजब कहानियां
By visfot news network02/01/2012 13:08:00 160 0 0 0 0 0भारत अगर गांवों का देश है तो भारत की विशेषता भी शहरों में नहीं बल्कि गांवों में ही बसती है. दो लाख पैंसठ हजार ग्राम पंचायतों के समुच्चय से जो भारत...
View Articleहिंदी विश्वविद्यालय में आध्यात्मिकता, मीडिया और सामाजिक बदलाव पर
वर्धा : समाचार को प्रकाशित कराना मीडिया का एक छोटासा हिस्सा है। मीडिया के केंद्र में सामाजिक बदलाव का अहम तत्व है। मीडिया सामाजिक बदलाव का सशक्त और प्रभावशाली माध्यम है। उक्त प्रतिपादन राष्ट्रीय...
View Articleहिंदी विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय मीडिया संगोष्ठी का समापन
तकनीकी बदलाव के साथ चले मीडिया संगोष्ठी के समापन पर वक्ताओं ने रखी अपनी राय: महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय के जनसंचार विभाग की ओर से ‘आध्यात्मिकता, मीडिया और सामाजिक बदलाव’ विषय...
View Articleविश्वसनीयता ही है संचार माध्यमों की पूंजी–
हिंदी विवि में राष्ट्रीय मीडिया संगोष्ठी‘मीडिया का राजनीतिक अर्थशास्त्र’ पर हुआ विमर्श वर्धा दि. 20 जनवरी 2016: संचार माध्यमों की सबसे बड़ी पूंजी उसकी विश्वसनीयता है। संचार माध्यमों को समाज के...
View Articleपाकिस्तान में हिन्दू मंदिर गुरूद्वारे
सबख़बरेंवीडियोप पाकिस्तान से आए 450 हिन्दू परिवारों का दर्द9:39प्राइम टाइम : नोबल पुरस्कार इतना शानदार कभी होगा?41:48वतन लौटने को तैयार नहीं 87 पाकिस्तानी हिन्दू परिवार6:59पाकिस्तान में हिंसा के बीच...
View Articleमौत को आगोश में लेने की ख्वाईश आखिरकार हो गयी पूरी
निदा फ़ाज़लीनिदा फ़ाज़लीनिदा फ़ाज़ली (चंडीगढ़, 28-Jan-2014)जन्ममुक़्तदा हसन निदा फ़ाज़लीअक्टूबर 12, 1938 (आयु 77 वर्ष)ग्वालियरमृत्यु०८ फ़रवरी २०१६मुम्बईभाषाहिंदी,...
View Articleदिल में ना हो ज़ुर्रत तो मोहब्बत नहीं मिलती निदा फ़ाज़ली
जन्म: 12 अक्तूबर 1938निधन: 08 फ़रवरी 2016जन्म स्थानदिल्ली, भारतकुछ प्रमुख कृतियाँआँखों भर आकाश, मौसम आते जाते हैं , खोया हुआ सा कुछ, लफ़्ज़ों के फूल, मोर नाच, आँख और ख़्वाब के दरमियाँ, सफ़र में धूप तो...
View ArticleNews Bank / खबर ही खबर है
प्रस्तुति- स्वामी शरण ► 2016 (160)▼ 2015 (183)► December (72)► November (27)► October (1)► September (1)► August (2)► June (12)▼ May (25)क्या अंधे लोग भी सपने देख सकते हैं ?अपने हाथ से...
View Articleभाटगिरी युग में पत्रकारिता / हम पत्रकार हैं या भाट
नोट-- लेख तो बहुत ही बढ़िया हैं पर ... पत्रकार बेचारे की क्या गलती है? जनता असली भाट दलाल को तो पहचानती ही नही। असली दलाल भाट या चम्पू तो दफ्तर में बैठे कुर्सीछाप पत्रकार हैं जो लगातार फोनियादेश...
View Articleबजट 2016 और आर्थिक समीक्षा 2015-2016
प्रस्तुति- कृति शऱणमुख्य सामग्री पर जाएं|पाठ्य का आकार अअअIn Englishवित्त मंत्रालय, भारत सरकारकेन्द्रीय बजटभारत सरकारमुख्य पृष्ठकेंद्रीय बजटआर्थिक सर्वेक्षणवेबकास्टपिछले आर्थिक सर्वेक्षणआर्थिक समीक्षा...
View Articleतथागत अवतार तुलसी से एक मुलाकात
अनामी शरण बबल मुबंई के बोरीवली रेलवे स्टेशन पर उतरने के बाद पवई होते कांजुरमार्ग जाते समय एकाएक मेरी नजर आईआईटी कैम्पस की तरफ गई। देखते ही मुझे तथागत अवतार तुलसी की याद आई। वही अवतार तुलसी जिसने...
View Articleसाहित्य की (सति) या सती सावित्री का शर्महीन विलाप
विभूति नारायण राय एक लफंगा है : मैत्रेयी पुष्पाby avinash· August 1, 2010♦ मैत्रेयी पुष्पामहात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीयहिंदी विश्वविद्यालय के कुलपति वीएन राय लेखिकाओं को ‘छिनाल’ कहकर अपनी कुंठा मिटा...
View Articleहिन्दी की साहित्यिक पत्रकारिता / श्याम कश्यप
हिन्दी की साहित्यिक पत्रकारितापत्रकारिताLeave a commentRelated Articlesन्यूज मीडिया और अपराध13 days agoकिसके प्रति उत्तरदायी है मीडिया?February 9, 2016ग्रामीण पत्रकारिता: हर गांव एक खबर होता...
View Articleऑनलाइन पत्रकारिता के विविध आयाम
प्रस्तुति- अनामी शरण बबलसोशल मीडिया क्या है?February 9, 2016ऑनलाइन पत्रकारिता0विनीत उत्पल | एक ओर जहां अभिव्यक्ति के तमाम विकल्प सामने आ रहे हैं, वहीं इस पर अंकुश लगाने की प्रक्रिया भी पूरे विश्व में...
View Articleपत्रकारिता के लिए उपयोगी आलेख
समाचार: सिद्धांत और अवधारणा – समाचार लेखन के सिद्धांत अनुवाद और हिंदी पत्रकारिताटीवी समाचार प्रबंधनसंपादन कला (प्रिंट माध्यम के संदर्भ में)April 30, 2015 कैसे नाम पड़ा ‘आज तक’?TV Media: Broadcasting...
View Articleजनसंचार प्रिंट मीडिया बनाम इंटरनेटकी पत्रकारिता
प्रस्तुति- अनामी शरण बबल इंटरनेट ने बदला पत्रकारिता का स्वरूपऑनलाइन पत्रकारिताLeave a commentRelated Articlesसोशल मीडिया क्या है?February 9, 2016संचार के दायरे को तोड़ता सोशल मीडियाFebruary 5,...
View Articleई- न्यूज़पेपर ( epaper) के विकास की कहानी
प्रस्तुति- राजेश सिन्हा ऑनलाइन पत्रकारिता Related Articlesसोशल मीडिया क्या है?February 9, 2016संचार के दायरे को तोड़ता सोशल मीडियाFebruary 5, 2016स्थानीय भाषा में इंटरनेटFebruary 1, 2016डॉ. कीर्ति सिंह...
View Articleपत्रकारिता के छात्रों के लिए
प्रस्तुति- राकेश मानव नव पत्रकारों के लिए In "विशेष आलेख"Share Facebook Twitter Google + LinkedIn Stumbleupon PinterestTags Broadcast JournalismCorporate JournalismEconomic JournalismEnglish...
View Articleटीवी का सबसे बड़ा शत्रु TRP का घनचक्कर?
तो इसे कहते हैं TRP?टेलीविज़न पत्रकारिता1 CommentRelated Articlesडेडलाइन को ध्यान में रखकर लिखनाFebruary 1, 2016टीवी रिपोर्टिंग सबसे तेज, लेकिन कठिन और चुनौती भरा कामJanuary 12, 2016स्टिंग ऑपरेशन के लिए...
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