रवि अरोड़ा की नजर से
हीर रांझा के वंशज और लव जिहाद / रवि अरोड़ा उनके नाम के साथ उपनाम के तौर पर लिखे ‘ अरोड़ा ‘ शब्द के कारण मैं हक़ से कह सकता हूँ कि दामोदर दास अरोड़ा मेरे पूर्वज रहे होंगे । वही दामोदर दास जो संयुक्त...
View Articleरवि अरोड़ा की नजर से
डर टपके का / रवि अरोड़ाबचपन में यह कहानी ख़ूब कही-सुनी थी । मूसलाधार बरसात में एक ग़रीब की झोंपड़ी के बाहर आकर छुपा शेर किसान और उसकी पत्नी के बीच हो रही वार्तालाप से भयभीत हो उठता है । दरअसल किसान इस...
View Articleभारतीय जनसंचार संस्थान का शैक्षणिक सत्र आरंभ
केवल सनसनी नहीं, देश में जो कुछ अच्छा हो रहा है वह भी खबर है: प्रकाश जावड़ेकर* *आईआईएमसी के 2020-21 शैक्षणिक सत्र का शुभारंभ* *नई दिल्ली,l भारतीय जन संचार संस्थान के शैक्षणिक सत्र 2020-21 का सोमवार को...
View Articleमुस्कुराइए क्योंकि यही जीवन है*/ उपेंद्र वर्मा
*मुस्कुराइए*एक औरत बहुत महँगे कपड़े में अपने मनोचिकित्सक के पास गई और बोली"डॉ साहब ! मुझे लगता है कि मेरा पूरा जीवन बेकार है, उसका कोई अर्थ नहीं है। क्या आप मेरी खुशियाँ ढूँढने में मदद...
View Articleतीसरी कसम की कसम / भारत यायावर
तीसरी कसम उर्फ़ या अर्थात्?/ भारत यायावर उर्फ़ और अर्थात् दोनों भिन्न-भिन्न अर्थों के व्यंजक शब्द हैं। फणीश्वरनाथ रेणु ने अपनी प्रसिद्ध कहानी 'तीसरी कसम अर्थात् मारे गए गुलफाम 'का सृजन परती परिकथा के...
View Articleरामायण / भारत यायावर
रामायण / भारत यायावर रामायण अर्थात राम का अयन। / भारत यायावर अयन का अर्थ होता है : गतिचलनामार्गरास्तागृहआश्रय आदि।तो रामायन का अर्थ हुआराम की गतिराम का चलनाराम का मार्गराम का रास्ताराम का घरराम का...
View Article(लघुकथा ) -बुलबुले/बलराम अग्रवाल
बुलबुले/बलराम अग्रवाल कामिनी की आँखों में उन्हें इज्जत देने जैसी कोई चीज कभी दिखाई नहीं दी, वह अलग बात है; लेकिन आज तो उसने हद ही कर दी! न राम-राम न दुआ-सलाम! कमरे में उनका कदम पड़ते ही बरस पड़ी—“आप इधर...
View ArticleJk में रौशनी एक्ट भी ख़त्म
भाई वेद प्रकाश Ved Prakash जी की वाॅल से...भारत सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए, जम्मू कश्मीर का 'रोशनी एक्ट'खत्म कर दिया है।सोचिए आज तक किसी मीडिया ने हम लोगों को 'रोशनी एक्ट'के बारे में बताया...
View Articleव्यक्त होकर ही आदमी व्यक्ति होता है / भारत यायावर
व्यक्त होकर ही आदमी व्यक्ति होता है / भारत यायावर **************†**************जीवन में कुछ लोग मिलते हैं जो सुंदर, सुरुचिपूर्ण और आकर्षक लगते हैं। लेकिन वे जल्दी खुलते नहीं हैं।अव्यक्त रहने वाले ऐसे...
View Articleहनुमान प्रसाद पोद्दार
भारतीय संस्कृति के देदीप्यमान नक्षत्र/गीता प्रेस यानी हनुमान प्रसाद पोद्दार /कबीर (यूपी हनुमान प्रसाद पोद्दार (जन्म:1892 - मृत्य: 22 मार्च 1971) का नाम गीता प्रेस स्थापित करने के लिये भारत व विश्व में...
View Articleदुर्गादास राठौड़ की 303 पुण्यतिथि पर नमन
#पढ़े_वीर_योद्धा_की_गाथासनातन धर्म और मारवाड़ के रक्षक शत्रुओं के काल और क्षत्रिय राजपूत कुल की राठौड़ कुल के वीर शिरोमणि दुर्गादास जी राठौड़ की 303 वीं पुण्यतिथि पर कोटि-कोटि नमन जय जय राजपूताना।आज...
View Articleअहमद पटेल को याद करते हुए / संजीव आचार्य
अहमद पटेल नहीं रहे।1991 से उनसे बहुत प्रगाढ़ सम्बंध थे। लिखते हुए, टीवी चैनलों पर डिबेट में कई बार मैंने उनकी तीखी आलोचना की लेकिन अन्य नेताओं के विपरीत, उन्होंने कभी मन में गांठ नहीं पाली। हाँ, फोन पर...
View Articleडरी हुई लड़की
ज्ञानप्रकाश विवेक की एक कहानी “डरी हुई लड़की”[ इस कालम के अंतर्गत मैं एक किताब को आपके साथ पढ़ने और पढ़े हुए को शेयर करने का प्रयास करती हूं । हम सभी जानते हैं कि आज हिंदी जगत में इतनी खेमेबंदी हो चुकी...
View Articleफणीश्वर नाथ रेणु की जीवनी का अंश
रेणु का देवदास बन भटकना / भारत यायावर 1934 में रेणु का चौदहवाँ साल चल रहा था। उनके भीतर रूप-पिपासा की लपट-सी उठने लगी थी। यह मानसिक रोग था, जिसकी गिरफ्त में वे आते जा रहे थे। अररिया में कई बंगाली...
View Articleअपने दड़बों से निकलो चल पड़ो दिल्ली / श्रीश पाठक :
श्रीश पाठक की कलम सेअपने दड़बों से निकलो चल पड़ो दिल्लीउठो मजुरो , बुनकरों , कारपेंटर ,विद्यार्थी , डाक्टर ,इंजीनियर सब कामगारों को दिल्ली कूच करना चाहिए***देश के किसान दिल्ली जाना चाहते हैं।सभी को...
View Articleरेणु का देवदास बन भटकना / भारत यायावर
रेणु की जीवनी का अंशरेणु का देवदास बन भटकनाभारत यायावर 1934 में रेणु का चौदहवाँ साल चल रहा था। उनके भीतर रूप-पिपासा की लपट-सी उठने लगी थी। यह मानसिक रोग था, जिसकी गिरफ्त में वे आते जा रहे थे। अररिया...
View Articleरेणु का भूत / भारत yay
भूत / भारत यायावररेणु का भूतरेणु का भूत मुझपर सवार है और मैं उसे उतार नहीं सकता! रेणु जबतक जीवित रहे, मैं उनसे एक बार भी मिल नहीं पाया । दूर से भी देख नहीं पाया ।पर अचानक यह ऐसा हुआ और क्यों हुआ,...
View Articleआत्म कथ्य - भारत यायावर
आत्मकथ्य* * *बहुत सारे लोग मुझसे पूछते हैंकिस तरह मैं यायावर हुआ ?यायावर हुआ तो उसकी जाति और गोत्र क्या है ?वह किस सम्प्रदाय का है ?तो मित्रो ! आज मैं स्पष्टीकरण दे रहा...
View Articleअंजू शर्मा की पोस्ट से.... हम हमेशा कहते हैं #अनुवाद, लेखन से अधिक श्रमसाध्य...
हम हमेशा कहते हैं #अनुवाद, लेखन से अधिक श्रमसाध्य और महत्वपूर्ण कार्य है। यह न केवल किसी भी रचना को पुनः रचने जितना महती कार्य है अपितु भावानुवाद की चुनौती के चलते कहीं अधिक महत्वपूर्ण है क्योंकि एक...
View Articleरेणु का भूत / भारत यायावर
भारत यायावररेणु का भूतरेणु का भूत मुझपर सवार है और मैं उसे उतार नहीं सकता! रेणु जबतक जीवित रहे, मैं उनसे एक बार भी मिल नहीं पाया । दूर से भी देख नहीं पाया ।पर अचानक यह ऐसा हुआ और क्यों हुआ, बता नहीं...
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