जननायक कर्पूरी ठाकुर की सादगी बेमिसाल
द्वारा Sarthak Samay -January 24, 20210170 Facebook Twitterजननायक कर्पूरी ठाकुर की सादगी बेमिसाल व अनुकरणीय है। मुख्यमंत्री के सर्वोच्च पद पर पहुंचने के बावजूद आजीवन वे तामझाम व दिखावे से दूर...
View Articleनेताजी क़ो कोटि कोटि प्रणाम /गोपाल प्रसाद व्यास
प्रस्तुति -- संगीता सिन्हा खोए हुए शेरों की तलाश माँगता है देश,फिर सुभाष और आज़ाद माँगता है देश ।महान क्रांतिकारी नेताजी सुभाषचंद्र बोस जी के जन्म दिवस पर उन्हें शत्-शत् नमन........🇮🇳🙏वह ख़ून कहो किस...
View Articleसुभाष भौमिक अंबेडकर स्टेडियम में / विवेक शुक्ला
सुभाष भौमिक को अंबेडकर स्टेडियम में दिल्ली के फुटबॉल प्रेमियों ने 1970 से 1980 के दशकों के दौरान अपने जलवे बिखते हुए खूब देखा है। उनका गेंद पर कंट्रोल और विरोधी टीम के खिलाड़ियों को चकमा देने की कला...
View Articleमानवता के देवदूत
प्रस्तुति - सिन्हा आत्म स्वरूप मैं चेन्नई में कार्यरत था और मेरा पैतृक घर भोपालa में था।अचानक घर से पिताजी का फ़ोन आया कि तुरन्त चले आओ, जरूरी काम है। मैं आनन फानन में रेलवे स्टेशन पहुंचा और तत्काल...
View Articleरवि अरोड़ा की nj
अंटी में क्या है/ रवि अरोड़ा frचुनाव की बेला है । प्रत्याशी धड़ाधड़ नामांकन दाखिल कर रहे हैं । कई चरणों में चुनाव होने हैं सो यह क्रम अभी लंबा चलेगा । परंपरा ही कुछ ऐसी है नामांकन दाखिल होते ही अखबार...
View Article(ध्वजारोहण और झंडा फहराने के अंतर की व्याख्या
!!!एक रोचक तथ्य!!!जानिए स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस में झंडा फहराने में क्या है अंतर ?पहला अंतर -15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर *झंडे को नीचे से रस्सी द्वारा खींच कर ऊपर ले जाया जाता है, फिर...
View Articleहस्तलिखित संविधान क़ो लिखने वाले प्रेम बिहारी नारायण रायज़ादा
How many Indians know that the Constitution of India was written by hand. No instrument was used to write the whole constitution. Prem Bihari Narayan Rayzada, a resident oaf Delhi, wrote this huge...
View Articleभारत का संविधान ( कब कहाँ क्यों और कैसे)
नई दिल्ली l भारत के इतिहास में 26 नवंबर, 1949 और 26 जनवरी , 1950 का बहुत महत्व है। यह दोनों तारीखें भारत के संविधान के इतिहास से जुड़ी हैं। विश्व का सबसे बड़ा लिखित संविधान ‘भारतीय संविधान’ 26 नंवबर...
View Articleनागा साधु संतो की शहादत
जब अहमदशाह अब्दाली दिल्ली और मथुरा पर आक्रमण करता हुआ गोकुल तक आ गया था ।लोगो को बर्बरतापूर्वक काटा जा रहा था . .. महिलाओं के साथ बलात्कार हो रहे थे और बच्चे देश के बाहर बेचे जा रहे थे . तभी गोकुल में...
View Articleगांधी,27 जनवरी,1948 महरौली में / विवेक शुक्ला
दिल्ली में आजकल की ही तरह 27 जनवरी,1948 को भी कड़ाके की सर्दी पड़ रही थी। सारा वातावरण में अवसाद और निराशा फैली हुई थी। सूरत देवता दर्शन देने के नाम ही नहीं ले रहे थे। इसके बावजूद गांधी जी सुबह साढ़े...
View Articleभड़ास 4 मीडिया न्यूज़ -100
पेगासस के लिए मोदी ने इज़रायल के हाथों भारत के सम्मान को गिरवी रख दिया : रवीश कुमार ☛ https://www.bhadas4media.com/bharat-ka-samman-girvi-rakha/ New York Times की Pegasus पर स्टोरी सच है तो मोदी सरकार...
View Articleकितने गाँधी ?
कितने गांधीजी देश में किसिम-किसिम के गांधीजी हैंहर किसी के पास उसके अपने गांधी हैें मेरी दादी मेरे दादाजी को गांधीजी सिर्फ इसलिए कहती थी कि वे सीधे थेवे हर किसी की बात मान लेते थेउन्हें कोई भी...
View Articleचारा घोटाले में फंसे लालू समेत 99 घोटालेबाज़ो पर 15 फरवरी क़ो होगा
कुमार सूरजआरजेडी सुप्रीमो व बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव समेत 99 आरोपियों की किस्मत का फैसला* 15 फरवरी को होगा। चारा घोटाले के बहुचर्चित पांच मामलों में से पांचवें व अंतिम आरसी 47ए/96 मामले...
View Articleरवि अरोड़ा की नजर से......
शॉर्ट टर्म मैमोरी लॉस / रवि अरोड़ाबेशक मुल्क में चुनाव कराना एक महंगी प्रक्रिया है और इसका बोझ जनता पर ही पड़ता है मगर पता नहीं क्यों चुनाव अब अच्छे लगने लगे हैं । हालांकि मैं बहुजन समाज पार्टी के...
View Articleटीएमयू में ऑनलाइन होगी नेशनल ईईपी
देशभर से जुड़ेगे जाने-माने सॉफ्ट स्किल्स ट्रेनर्स, शिक्षाविद और पेशेवर्सख़ास बातेंतीन फरवरी से होगा वर्चुअली ईईपी का शंखनादएफओईसीएस के अंतिम वर्ष के स्टुडेंट्स होंगे लाभान्वितउद्योग जगत को कौशल से लैस...
View Articleएक अज्ञात स्तम्भ ..क़ुतुब मीनार delhi
......विष्णु स्तम्भ (कुतुब मीनार टॉवर) के पास, शुद्ध लोहे से बना एक स्तंभ है। इसमें 99.72% लोहा, शेष 0.28% अशुद्धियाँ हैं। इसकी काली-नीली सतह पर, आप जंग के केवल कुछ ही स्थानों पर कठिनाई से देख सकते...
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मुरादबादी ठठेरा जब ये खबर आयी कि प्रियंका मुरादाबाद के किसी ठठेरे से बियाह करेंगी तो मुल्क वाकई एक बार सन्न रह गया था । ठठेरा UP की एक बिरादरी होती है जो पुराने जमाने में बर्तन इत्यादि बनाया करते थे...
View Articleरेहान फ़ज़ल का नजरिया -1
आज टी एन शेषन की दूसरी पुण्य तिथि है....शेषन ने राजीव गांधी को फोन मिला कर कहा की वो तुरंत उनसे मिलने आना चाहते हैं. जब वो वहां पहुंचे तो राजीव गांधी थोड़ी उत्सुकता से अपने ड्राइंग रूम में उनका इंतजार...
View Articleविश्वनाथ सचदेवा की बात ही कुछ और हैं /:हरीश पाठक
अपरिचय के इस विंध्याचल में वे आत्मीयता का वह ठिकाना हैं जहाँ कुछ क्षण ठिठक कर अपने आँसू, अपना सुख और अपनी कातरता बांटी जा सकती है।वे शब्दों के राजमहल में ऐसे शिल्पकार हैं जो निस्वार्थ,निष्पाप,निष्कलंक...
View Articleखुशवंत सिंह सा कोई और नहीं / विवेक शुक्ला
खुशवंत सिंह के बगैर सुजान सिंह पार्क / विवेक शुक्ला खुशवंत सिंह के जाने के बाद सुजान सिंह पार्क यतीम सा हो गया। अब इधर उनके फ्लैट में दोस्तों की बैठकें नहीं होती। समय के बेहद पाबंद खुशवंत सिंह यारबाश...
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