मध्यप्रदेश स्थापना दिवस पर विशेष
मैं और मेरे से मुक्त, हमारा मध्यप्रदेश / मनोज कुमार एक बार फिर खुशियों ने दस्तक दी है. कामयाबी से भरे जश्र के साथ मध्यप्रदेश अपना स्थापना दिवस मनाने जा रहा है. मध्यप्रदेश का स्थापना दिवस कई मायनों में...
View Article31अक्टूबर की एक याद ऐसी भी / मनोज कुमार
31 अक्टूबर 1984 अभी अखबार के दफ्तर में काम शुरू हुआ ही नहीं था। सुबह के कोई 9 और 10 के बीच का वक्त होगा। टेलीप्रिंटर पर खबर फ्लैश फ्लैश होने लगी। खबर आम खबर नहीं थी। खबर देश की ही नहीं बल्कि दुनिया की...
View Articleभगिनी निवेदिता
इतिहास के पन्नों में ऐसे कई नाम छिपे हैं, जिनका भारत की उन्नति में योगदान अमूल्य है पर पीढ़ियां उन्हें भूलते जा रही है, उन्हीं कुछ नामों में से एक हैं स्वामी विवेकानंद की शिष्या भगिनी निवेदिता...
View Articleएक उपेक्षित ऐतिहासिक गुफा / बिनोद राज विद्रोही
हजारीबाग के बड़कागांव प्रखंड में अवस्थित इस्को गुफा अपनी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के बावजूद आज परिचय का मोहताज है। यहां एक गुफा है , गुफा के दो किलोमीटर की दूरी पर एक विशालकाय प्रस्तर-खंड मौजूद है, जिसके...
View Articleसतपाल मलिक jk औऱ आरोप/+ कृष्णकांत
राज्यपाल सत्यपाल मलिक को 300 करोड़ रिश्वत की पेशकश किसके इशारे पर की गई थी? वह आरएसएस का बड़ा नेता कौन था जिसकी तरफ से 150 करोड़ देने की पेशकश हुई? अंबानी कौन वाला, छोटा या बड़ा? उनका कश्मीर के...
View Articleवाया बाँदा चित्रकूट से मुंबई / टिल्लन richhariya
पत्रकारिता के मेले झमेले ! बांदा के हमारे मीटिंग प्वाइंट स्टेशन रोड पर बी ड़ी गुप्ता जी की केमिस्ट की दूकासन के इर्द गिर्द पत्रकार , अखबार और खबरों की खासी गहमागहमी रहती थी । बी डी गुप्ता टाइम्स ऑफ...
View Articleपत्रकारिता औऱ कमलेश्वर / टिल्लन रिछारिया
जेहन में कमलेश्वर... यूं तो कमलेश्वर जी ज़ेहन में सन 70-71 के दौर से ही चढ़े हुए थे । 'सारिका 'के लघुकथा विशेषांक और दुष्यन्त कुमार की ग़ज़लों का किसी कहानी पत्रिका में प्रकाशन अद्भुत था । ...उनकी कहानियां...
View Articleकेसर ए हिन्द राजा रवि वर्मा
प्रस्तुति - इतिहासनामा /राजा रवि वर्मा भारत के मशहूर चित्रकार थे। 18वी सदी के भारतीय कलाकार राजा रवि वर्मा को ‘द फादर ऑफ मॉडर्न इंडियन आर्ट’ के रूप में भी जाना जाता रहा है। उन्होंने भारत के देवी...
View Articleलाल बाल पाल की जोड़ी
भारतीय स्वाधीनता आंदोलन में प्रमुख भूमिका निभाने वाली लाल-बाल-पाल की तिकड़ी को तो हम सभी जानते ही हैं। इस तिकड़ी ने अंग्रेजों को नाकों चने चबवा दिए थे। ये तीन पूरे नाम थे लाला लाजपत राय ‘लाल’, बाल...
View Articleभारत यायावर का साहित्यिक योगदान / विजय kesrib
'भारत यायावर की साधना प्रेरणा देती रहेगी'( शीर्षक से यह संस्मरण आलेख रांची से प्रकाशित हिंदी दैनिक 'रांची एक्सप्रेस'के संपादकीय पृष्ठ पर प्रकाशित है। ) मैंने कभी कल्पना भी ना किया था कि हम सबों के...
View Articleपूर्व राष्ट्रपति K R Narayanan
देश के पूर्व राष्ट्रपति K R Narayanan का कल स्मरण दिवस था. राष्ट्रपति नारायणन के तत्कालीन प्रेस सचिव S N Sahu ने उन्हें याद करते हुए लिखा कि जिस तरह नारायणन साहब ने भारत के राष्ट्रपति के रूप में...
View Articleडिग्री के संग व्यक्तित्व और चरित्र निर्माण भी आवश्यकः वीसी
तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी में ब्रेन मंथन क्विज कॉम्पटीशन का ग्रैंड फिनालेप्रो. श्याम सुंदर भाटिया/श्री रजनीश तिवारी तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के सेंटर फॉर टीचिंग, लर्निंग एंड डवलपमेंट-सीटीएलडी की...
View Articleट्रेंडसेटर सुरेंद्र प्रताप सिंह / टिल्लन रिछारिया ! ...
ट्रेंडसेटर सुरेंद्र प्रताप सिंह ! ...कोलकाता से नवभारत टाइम्स , बम्बई लौट आये हैं सुरेन्द्र प्रताप सिह हैंं । सम्पादक तो नवभारत के हैं पर ज्यादातर समय अपने पुराने घर 'धर्मयुग ' की अमराइयों में ही...
View Articleउदयन शर्मा की पत्रकारिता / टिल्लन रिछारिया
उदयन शर्मा ! सिर्फ एक नाम नहीं अपने दौर की पत्रकारिता की जिंदा दास्तान हैं ।...आपातकाल वाला दौर जा चुका था ।...धर्मयुग में उसके सम्पादकीय विभाग के एक साथ तीन सितारों के फोटो सहित विदाई की सूचना...
View Articleमुंबई माया औऱ रविंद्र श्रीवास्तव / टिल्लन रिछारिया
बम्बई में रवींद्र श्रीवास्तव जी से हफ्ते में तीन-चार मुलाकातें हो ही जातीं थीं । हमारे करंट की बिल्डिंग जॉली मेकर्स से सड़क पर नुक्कड़ पर एक दो बिल्डिंग बाद एम्बेसी बिल्डिंग में आपका मित्र प्रकाशन की...
View Articleसतीश गुजराल की औरते /:टिल्लन रिछारिया
सतीश गुजराल की औरतों के साथ !...सुंदर बाग़ - बागीचों में , जंगल - वादियों में इन दिनों प्रकृति के अंग-प्रत्यंग पर वसंत ब्रश फेर रहा है। पत्थर तराश रहा है , उसे मांसल बना रहा , पंख दे रहा है। ..लगता...
View Articleबॉम्बे टु हैदराबाद / टिल्लन रिछारिया
बम्बई की सुखद अनुभूतियों के साथ हैदराबाद में हफ्ते भर का प्रवास। मौसम लाजवाब है। दसहरा आसपास ही है। जाते ही हमारे लिए लालबहादुर शास्त्री क्रिकेट स्टेडियम में यादगार जश्न रखा गया। टाइम्स ऑफ़ इंडिया के...
View Articleशहीद स्थल बावनी इमली फतेहपुर
न्य दित करेंबावनी इमलीएक प्रसिद्ध इमली का पेड़ है जो भारत में एक शहीद स्मारक भी है। इसी इमली के पेड़ पर 28 अप्रैल 1858 को गौतम ठाकुर, जोधा सिंह अटैया और उनके इक्यावन साथी फांसी झूले थे। यह स्मारक उत्तर...
View Articleएक अनोखा व्यक्तित्व --- अरुणा आसफ अली
1942 के भारत छोडो आन्दोलन के दौरान जब सारे प्रमुख नेता गिरफ्तार किये जा चुके थे तब अरुणा आसफ अली ने अपने निर्भीकता का परिचय देते हुए 9 अगस्त के दिन मुंबई के गवालिया टैंक मैदान में तिरंगा झंडा फहराकर...
View Articleछठ. दिल्ली औऱ पूर्वांचली समाज की यादें / विवेक शुक्ला
छठ,सरोजनी नगर,1960साउथ दिल्ली के सरोजनी नगर और नेताजी नगर के सरकारी बाबुओं के तोड़ दिए घरों के अवशेषों में छठ से जुड़ी ढेरों स्म़ृतियां बिखरी हुईं हैं। इनमें कच्चे जलाशय बन जाते थे और व्रती अपनी...
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