भूखे / हरिशंकर परसाई
एक बार हजारो भूखे किसान मजदुर गोदाम में भरे अन्न को लूटने के लिए निकल पड़े.व्यवसायी हमारे पास आया. कहने लगा स्वामीजी, कुछ करिए. ये लोग तो मेरी सारी जमा-पूंजी लूट लेंगे. आप ही बचा सकते हैं. आप जो...
View Articleकहाँ पे बोलना है /महाकवि वाट्सअप जी
*मुझे नहीं पता ये कविता किसने लिखी है पर सच में जिसने भी लिखी है अद्भुत लिखी है।**कहाँ पर बोलना है**और कहाँ पर बोल जाते हैं।**जहाँ खामोश रहना है**वहाँ मुँह खोल जाते हैं।।**कटा जब शीश सैनिक का**तो हम...
View Articleचीन के खिआफ़ ज़ब अटलजी उबल पड़े /विवेक शुक्ला
जब अटल जी ने 1962 में भेड़ों केसाथ चीनी एंबेसी को घेराअटल बिहारी वाजपेयी ने चीन के साथ 1962 में जंग के समय चीनी दूतावास पर दर्जनों भेड़ो के साथ प्रदर्शन किया था। दरअसल तब चीन ने भारत पर एक हास्यास्पद...
View Articleगलवान घाटी किसके नाम पे है
🥀🥀🥀डाकू या चरवाहा कौन था गुलाम रसूल🥀गलवान घाटी🥀🥀जिसके नाम पर पड़ा गलवान घाटी का नाम 🥀🥀गलवान घाटी में चीन और भारत के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई. इस घाटी की ऊंचाई करीब 14000 फीट है और वहां तापमान...
View Articleपीएम केयर फंड के मायने
**PMCareFund का नया घोटाला**मोदी जी ने स्वदेशी वेंटिलेटर PMCare फंड से मंगाए और कीमत वसूली 4 लाख रुपये प्रति वेंटिलेटर। लेकिन ये SkanRay CV2000k वेंटिलेटर असल में फिलिप्स हेल्थकेयर के लिए भी वेंटिलेटर...
View Article1962 का भारत और हमारे जवान / आनंद कुशवाहा
जो लोग 1962 के भारत को याद करते हैं और बार बार उस हार की दुहाई देते हैं , वो लोग हमारे उन बहादुर सैनिकों का अपमान करते हैं- जिन्होंने ताक़त में कम होने के बाद भी चीन का ज़बरदस्त मुक़ाबला किया l. हार...
View Articleजनता का धन / अरविंद कुमार सिंह
जनता का धनभारत रत्न गोविंद बल्लभ पंत ने सरदार पटेल के निधन के बाद केंद्र में गृह मंत्री का पद संभाला। गांधीजी के भक्त पंतजी जनता के धन की फिजूलखची के सख्त खिलाफ थे। वो चाहते थे कि एक एक पैसे की हिफाजत...
View Articleइस गीत से मनोबल आया था / अरविंद कुमार सिंह
चीन से हार पर टूटे मनोबल, निराशा को इस गीत ने किया था दूर...........वर्ष 1962 में 20 अक्टूबर से 21 नवंबर तक एक माह तक पहाड़ी इलाकों में चले युद्ध में भारत पड़ोसी देश चीन से बुरी तरह हारा था। उस वक्त देश...
View Articleरवि अरोड़ा की नजर से......
कच्चे पक्के नेहरू होते मोदीरवि अरोड़ासबसे पहले तो इस बेतुके शीर्षक और इसके बहाने पंडित नेहरू व नरेंद्र मोदी की तुलना के लिए आप मुझे क्षमा करें । बात शुरू करने से पहले मुझे आपके इस प्रश्न से जूझना है कि...
View Articleदिल्ली को कोरोना ने लूटा /अरविंद कुमार सिंह
कोरोना पी़ड़ितों की प्रयोग भूमि बनी दिल्लीदिल्ली के बारे में एक पुराना शेर है जिसका आखिरी हिस्सा बताता है कि ‘ जो भी गुजरा हैै, उसने लूटा है। ‘ लेकिन ये कहावत उस दौर की है जब तमाम हमलावर लूट के इरादे...
View Articleहिंसक रात की कहानी / प्रकाश अस्थाना
गलवान घाटी में क्या हुआ था उस रात...15-16 जून की रात को लद्दाख की गलवान घाटी में चीन की तरफ से जो गहरा षड्यंत्र रचा गया, वह पूर्व नियोजित था.. यह तो अब तक पता चल ही गया है.. और वह इसलिए कि चीन ने इस...
View Articleपत्रकारो के सृजनहार (नायक ) रामजीलाल जांगिड़ की कहानी
एक जीवन यात्रा - जन संचार की राह पर-1मैं पत्रकार कैसे बना? जब मैं इस प्रश्नं का उत्त र ढूंढने के लिए अपनी अतीत की गलियों में प्रवेश करता हूं तो याद आती है, अजमेर (राजस्थानन) के रामगंज बाजार में स्थित...
View Articleमुगलेआज़म के बाद सिनेमा /रत्न भूषण
चलते चलते...उसी नौटंकी में बेटा आ गया...जब जब हिंदी सिनेमा की भव्यता का ज़िक्र होता है। जब कभी हिंदी सिनेमा में बड़ी फिल्में बनाने के पैमाने पर बात होती है। उन फिल्मों की ओर हमारी नज़र अपने चली जाती है,...
View Articleहारना और हार को स्वीकारना ही जीवन है / मनु लक्ष्मी मिश्रा
अपने बच्चों को हारना भी सिखाइये और हार को सकारात्मक रूप से लेना भी सिखाएं वरना वो हलका सा झटका भी न झेल पाएंगे । 1960 और 1970 के दशक में पैदा हुए अधिकांश बच्चे अपने अभिभावकों से इतनी बार कूटे गए हैं कि...
View Articleप्रेम के आगे तख़्त क़ुर्बान / नलिन चौहान
प्रेमी को मुग़ल तख़्त पर बिठाने वाली पुर्तगाली महिलानलिन चौहान, बीबीसी हिंदी के लिएमुगल बादशाह औरंगजेब की मौत के बाद उसके बेटों में हिंदुस्तान के तख़्त पर काबिज होने के लिए जजाऊ में हुए उत्तराधिकार...
View Articleकोरोना योद्धाओ के जज्बे को सलाम / आलोक यात्री
📎📎कोरोना योद्धाओं के जज्बे को सलाम कोरोना के कहर के खौफ से जहां हर कोई खौफजदा हो, वहां बहुत से लोग ऐसे हैं जिनका जज्बा पूरी मानव जाति के लिए मिसाल कायम कर रहा है। सैयद उज्मा परवीन हों या विजय अय्यर...
View Articleरवि अरोड़ा की नजर में......
मत चूके चौहान का रागरवि अरोड़ासुबह उठते ही देखा कि वयोवृद्ध पिता जी परेशान हालत में स्वयं से बातें कर रहे हैं । मामला जानने की कोशिश तो ग़ुस्से में बोले कि मोदी तो नहीं चाहता चीन से लड़ाई हो मगर ये...
View Articleपानी अजर अमर है to....
भारतीय दर्शन मानता है कि पानी अजर अमर है !कितना सुपरिचित नाम है पानी। जन्म से ही हमारा उससे नाता है। पैदा होते ही बच्चे को दाई पानी से नहलाती है। बचपन में सभी ने पानी में खूब मस्ती की है। सभी लोग उसे...
View Articleजल चक्र
जल लगातार एक चक्र में घूमता रहता है जिसे जलचक्र कहते है, इसमे वाष्पीकरण या ट्रांस्पिरेशन, वर्षा और बह कर सागर में पहुॅचना शामिल है। हवा जल वाष्प को स्थल के ऊपर उसी दर से उड़ा ले जाती है जिस गति से यह...
View Articleएक थे स्वामी धीरेन्द्र ब्रह्मचारी / विवेक शुक्ला
Navbharatimesएक थे धीरेन्द्र ब्रहमचारी योग की बात होगी तो गुरु धीरेन्द्र ब्रहमचारी याद आएंगे। एक दौर में उनके जलवेथे। उनकी पहुंच प्रधानमंत्रीआवास 1 सफदरजंग रोड तक थी। वे प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के...
View Article