कुंवर महेन्द्र सिंह बेदी साहब का उर्दू / विवेक शुक्ला
NBT / बेदी साहब का उर्दू घरसाउथ दिल्ली के पॉश ग्रेटर कैलाश-पार्ट वन का डब्ल्यू- 57। इसकी पहचान बरसों तक उर्दू के शायरों और अदीबों की बैठकी की जगह के रूप में होती थी। यहां पर फैज अहमद फैज, जोश...
View Articleलगा रहे प्रेम हिन्दी में
न चाहूँ मान दुनिया में, न चाहूँ स्वर्ग को जानामुझे वर दे यही माता रहूँ भारत पे दीवानाकरुँ मैं कौम की सेवा पडे़ चाहे करोड़ों दुखअगर फ़िर जन्म लूँ आकर तो भारत में ही हो आनालगा रहे प्रेम हिन्दी में, पढूँ...
View Articleनेपथ्य की राजनीति करते करुणानिधि / आलोक तोमर
नेपथ्य से आगे करुणानिधि / आलोक तोमर दुनिया में कम ही लोग ऐसे होते हैं जो नेपथ्य में रह कर भी पोस्टरों पर नजर आते है। इन्हीं लोगों के लिए शायद दुष्यंत ने लिखा था- इन दिनों अब मंच पर सुविधा नहीं है/आज...
View Articleजो गुलाम भी हैँ और आज़ाद भी / आलोक तोमर
प्रतिदिन/आलोक तोमर / जो एक साथ गुलाम भी हैं, आजाद भीजब गुलाम नबी आजाद को साझे की सत्ता में तीन साल के लिए जम्मू कश्मीर का मुख्यमंत्री बना कर भेजा गया था तो कांग्रेस में बहुत सारे लोग नाराज थे। कुछ...
View Articleबेपर्दा बरखा /आलोक तोमर
बरखा दत्त अपने ही चैनल के पर्दे पर बेपर्दा / आलोक तोमरटेलीविजन मीडिया की सुपर स्टार बरखा दत्त को बचाने के लिए उनके चैनल एनडीटीवी ने भारतीय पत्रकारिता के इतिहास में पहली बार अपने ही किसी पत्रकार का...
View Articleप्रभु चावला दलाल है / अनामी शरण बबल
प्रभु चावला- ''अनिल अंबानी ज्यादा हरामीहै'' / आलोक तोमरपूरा देश जानता था किप्रभु चावला दलाल हैं, उन्हें प्राथमिक कक्षा के बराबरअंग्रेजी आती हैं, पत्रकारिता के नाम पर वे पचास धंधे करतेहैं मगर इंडिया...
View Articleसमाज का असली रेट- कॉरपोरेट / आलोक तोमर
प्रतिदिन/आलोक तोमर / समाज का असली रेट- कॉरपोरेटवे बोर्ड रुम की बैठकों में ड्रेस कोड का पूरा पालन करते हैं। पानी पीने के बाद भी एक्सक्यूज मी कहते हैं, प्रोजेक्टर से पेश की गई स्लाइडों पर रची गई...
View Articleबाबा रामदेव /+आलोक तोमर
रामदेव ने हिला दी भाजपा की राजनीति / आलोक तोमरबाबा रामदेवहालांकि उत्तर प्रदेश के बस्ती शहर में लोगों को योग करवा रहे हैं मगर उत्तराखंडमें उनके नाम को ले कर तूफान मचा हुआ है। सब पूछ रहे हैं कि क्या...
View Articleदलाली की बरखा / आलोक तोमर
प्रतिदिन/आलोक तोमर / भारत में दलाल मेव जयते!1965 के भारत पाकिस्तान युद्व के दौरान दिल्ली केहिंदुस्तान टाइम्स के एक युवा रिपोर्टर ने सीमा पर जा कर रिपोर्टिंग करने कीअनुमति मांगी। तब तक पत्रकारिता में...
View Articleप्रो. शमीम जराजपुरी 'मौलाना आज़ाद आज़मगढ़ की शान / अरविंद कुमार सिंह
'माटी के लाल आज़मियों की तलाश में.. प्रोफेसर शमीम जराजपुरी 'मौलाना आज़ाद राष्ट्रीय उर्दू विश्वविद्यालय'के पहले कुलपति बने, जिन्हें 'मिल्ली गजट'ने "एक अग्रणी व्यक्तित्व"के रूप में छापा.. @ अरविंद...
View Articleगण (गन) तंत्र / AY
लोकतंत्र का गण तंत्र / आलोक यात्री देश आज एक और संविधान दिवस के मुहाने पर खड़ा है। इस बहत्तर साल के संवैधानिक सफर में भारत गणराज्य ने कई उतार-चढ़ाव देखे हैं। 21वीं सदी में दुनिया बहुत तेजी से बदली...
View Articleकिसान आंदोलन के मायने / मनोहर मनोज
जिन्हे कृषि का क नहीं पता वह किसान आंदोलन पर दुनिया भर की बात कर रहे है। चाहे ये किसान आंदोलन के पक्षधर लोग हो या सरकार के पक्षधर लोग।यहाँ तक की किसान आंदोलन पर अपना पोस्ट लिखने और प्रोग्राम करने वाले...
View Articleइश्क में शहर होना / रवीश कुमार
इश्क में शहर का खुमारबारिश से बचने के लिए उसने अपना स्कूटर मूलचन्द्र फ्लाईओवर के नीचे पार्क कर दिया। दोनों एक दूसरे में इतना खोए रहे कि ध्यान ही न रहा कि अगल-बगल में पचासों स्कूटर वाले बारिश खत्म होने...
View Articleदस ग़ज़लें प्रवीण परिमल की
*प्रवीण परिमल* की दस *ग़ज़लें*1.वो अजब एक बुत है मेरा यार भी कुछ लगे आशना, कुछ लगे अजनबी तौरे-उल्फ़त सनम का बताऊँ मैं क्या एक पल बेरुख़ी, एक पल बेख़ुदी यूँ तो मुझसे मुहब्बत करे है मगर वो जुबाँ से न...
View Articleप्रतिदिन/आलोक तोमर
मां के पांव छुओ, बृजलाल!भारतीय दंड विधान का दंड यानी डंडा जिसके हाथ में आ जाता है वह अपने आपको खुदा से कम नहीं समझता। बीटकांस्टेबल अपने हिस्से के इलाके का खुदा होता है, थानेदार एक पूरी बस्ती का...
View Articleपधारो म्हारो देस से कुछ आगे! / आलोक तोमर
प्रतिदिन / कम लोगों को याद रहता है कि उत्तर प्रदेश औरमध्य प्रदेश दोनों के विभाजन के बाद राजस्थान आकार में देश का सबसे बड़ा राज्य हो गयाहै। गरिमा और अतीत में तो यह सबसे बड़ा था ही। जिस राजस्थान से जूझने...
View Articleसेठ की चाकरी में मुख्यमंत्री धूमल /
आलोक तोमर हिमाचल प्रदेश की राजनीति में आम तौरपर साफ सुथरे माने जाने वाले मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल पर जो इल्जाम लगा है वहअगर सच है तो उनका बचना आसान नहीं है। इस विवाद में गुजरात के मुख्यमंत्री...
View Articleअपने आप l मुंबई कथा
प्रतिदिन/आलोक तोमर /असली पत्रकारिता कौनकर रहा है?इंटरनेट पर एक विज्ञापन निकला है जिसमें मुंबई से निकलने वालीएक हिंदी पत्रिका के लिए दिल्ली प्रतिनिधि की मांग की गई है। इस पद के लिए आवेदनकी कोई अंतिम...
View Article30 जनवरी : 5 किरदारों की आंखों देखी महात्मा गांधी की हत्या बिड़ला हाउस में 30...
1948 को शाम 5.17 बजे हुई। तब से लेकर उनकी अगले दिन अंत्येष्टि तक पांच लोग बहुत गहरे से जुड़े रहे थे। ये लगभग अनाम ही रहे। इनकी कोई खास चर्चा भी नहीं होती। पर इनका जिक्र बगैर गांधी जी की हत्या और अंतिम...
View Articleगांधी का जीवन सतत संघर्ष करना सिखाता है / विजय केसरी
(30 जनवरी, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 73 वीं पुण्यतिथि पर विशेष)आज के ही दिन राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की निर्मम हत्या कर दी गई थी। हाड़ - मांस के बने गांधी हमेशा - हमेशा के लिए हम सबों से विदा हो...
View Article