पीछे हटने के भावी खतरे /ऋषभदेव शर्मा
पीछे हटने का मतलबसैन्य और राजनयिक दोनों स्तरों पर काफी लंबी खींचतान और वार्ताओं का फिलहाल यह नतीजा सुखद ही कहा जाएगा कि गलवान घाटी में चीन की सेना ने अपने कदम पीछे खींच लिए हैं। दोनों पक्षों की आपसी...
View Articleबाहर निकलने का क्या कोई रास्ता है? / ऋषभदेव शर्मा
चीनी गुंजलक से निकलने का रास्ताखबर है कि उद्योग मंडल एसोचैम ने 15 ऐसी आयातित वस्तुओं की सूची तैयार की है, जिनका आयात धीरे-धीरे कम कर भारत आत्मनिर्भर बन सकता है। उसने इसके लिए घरेलू उत्पादन पर जोर देने...
View Articleकोरोना काल मे आतंकवाद / ऋषभदेव शर्मा
कोरोना काल में आतंकवादकोरोना संक्रमण यों तो स्वयं किसी विश्वस्तरीय आतंकवादी आक्रमण से कम नहीं। लेकिन अब इसकी आड़ में आतंकी समूहों के सक्रिय होने का एक और बड़ा खतरा विश्व बिरादरी के सामने है। इन आतंकी...
View Articleमोदीजी का विकासवादी विस्तार / ऋषभदेव शर्मा
विस्तार बनाम विकासप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लेह में भारतीय सैनिकों को संबोधित करते हुए जहाँ एक ओर जवानों का हौसला बढ़ाया, वहीं देशवासियों को भरोसा भी दिलाया कि सरहदें हर तरह सुरक्षित हैं। लेकिन उनके...
View Articleचीन पर लगाम जरूरी हैं / ऋषभदेव शर्मा
विस्तारवाद पर नकेल ज़रूरीचीन को इस खबर से ज़ोर का झटका लगा होगा कि अमेरिकी सीनेट ने हांगकांग की संप्रभुता की रक्षा के लिए सर्वसम्मति से एक विधेयक पास किया है। कहना न होगा कि चीन द्वारा पूर्व ब्रिटिश...
View Articleनेपाल के चीन भक्ति की मजबूरी / ऋषभदेव शर्मा
नेपाल के प्रधानमंत्री की चीन-भक्तिपड़ोसी देश नेपाल की आंतरिक राजनीति इन दिनों काफी अस्थिर चल रही है। अपनी पुरानी आदत के चलते वहाँ के प्रधानमंत्री के. पी. शर्मा ओली यदि इसका ठीकरा भारत के सिर फोड़ रहे...
View Articleहिरासत मे मौतें और मानवाधिकार / ऋषभदेव शर्मा
पुलिस हिंसा बनाम मानव अधिकारतमिलनाडु के तूतिकोरिन में गत दिनों पुलिस हिरासत में पिता-पुत्र की मृत्यु पर नामी-गिरामी हस्तियों के बयानों के बावजूद वैसी कोई हलचल बौद्धिक और सामाजिक जगत में नहीं दिखाई दी,...
View Articleमन की बात कितना मन मे / ऋषभदेव शर्मा
मन की बात : प्रेरणा और चेतावनीजून 2020 के अपने 'मन की बात'कार्यक्रम में ठीक ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से दो बातों पर फोकस करने की अपील की। कोरोना को हराना है और अर्थव्यवस्था को मजबूत...
View Articleकांग्रेस का कीचड़ या दलदल / वीरेंद्र सेंगर
कांग्रेस का कीचड़ . .अब बहुत हुआ।इस पार्टी का अवसान काल थम नहीं रहा।ऐसा लग रहा है कि पूरी पार्टी ही नीलामी वाली बाजार में जाने अनजाने आ खड़ी हुई है।जिसका मनचाहा दाम लग जाता लगता है वो...
View Articleलोकतंत्र का एनकाउंटर / संजय त्रिपाठी
एनकाउंटर या लोेकतंत्र की हत्यासंजय त्रिपाठीकानपुर वाला विकास दुबे का एनकाउंटर मौजुदा समय में कई तरह के सवाल पैदा कर दिया है। कुछ लोग एक दुर्दांत अपराधी को एनकाउंटर में मार गिराना जायज बता रहे हैं, तो...
View Articleये उन दिनों की बात है ज़ब..... / कृष्णकांत
एक महिला ने संसद परिसर में नेहरू का कॉलर पकड़कर पूछा, "भारत आज़ाद हो गया, तुम देश के प्रधानमंत्री बन गए, मुझ बुढ़िया को क्या मिला."इस पर नेहरू ने जवाब दिया, "आपको ये मिला है कि आप देश के प्रधानमंत्री...
View Articleरवि अरोड़ा की नजर से....
फिर फ़ेल हुए राहुलरवि अरोड़ाराहुल गांधी के बारे में मेरी राय हमेशा से बहुत साफ़ रही है । वे बहुत मेहनती नेता हैं और आम लोगों से जुड़ना भी बख़ूबी जानते हैं । हालाँकि वे कुशल वक़्ता नहीं हैं और गाहे...
View Articleकोरोना काल मे अन्न योजना का विस्तार / ऋषभदेव शर्मा
अन्न योजना का विस्तारप्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के नवंबर तक विस्तार की घोषणा करके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना विश्वमारी के भयावह संक्रमण के इस दौर में एक बार फिर उन अनेक साधनहीन निर्धन...
View Articleडिजिटल ऐज मे आत्मनिर्भर भारत / ऋषभदेव शर्मा
डिजिटल स्ट्राइक और आत्मनिर्भर भारतअब यह साफ हो चुका है कि गलवान झड़प के बाद भारत-चीन संबंधों का दृश्य पहले जैसा नहीं रह सकता। चीन इस भ्रम में था कि सीमाओं पर शत्रुता और व्यापार में मित्रता साथ साथ चलती...
View Articleभारतीय वैज्ञानिक गणना
विश्व का सबसे बड़ा भारतीय और वैज्ञानिक समय गणना तन्त्र(ऋषि मुनियो का अनुसंधान )■ क्रति = सैकन्ड का 34000 वाँ भाग■ 1 त्रुति = सैकन्ड का 300 वाँ भाग■ 2 त्रुति = 1 लव ,■ 1 लव = 1 क्षण■ 30 क्षण = 1 विपल...
View Articleधोबी और उसके गधे की कहानी / सुभाष चंदर
व्यंग्यधोबी और उसके गधे की कहानी सुभाष चंदरप्रिय पाठको, आज आपको एक धोबी और उसके गधे की कहानी सुनाता हूं। धोबी का नाम आप कुछ भी रख लीजिए। वैसे भी उसका नाम बदलता रहता है। हर पांच सालों...
View Articleअंबष्ट कायस्थ का इतिहास / उदय सहाय
Article by Sri Uday Sahay.प्रस्तुति - अनिल कुमार चंचलअंबष्ट बिहार कैसे बसे?————————-दोस्तों। आप शायद जानते हों कि भारत पर आक्रमण के पूर्व सिकंदर ने सीमावर्ती राजा आंबि को सूचित किया की या तो वह समर्पण...
View Articleभारत का पहला अंग्रेजी अख़बार
भारत में पहला अंग्रेजी समाचार पत्र_बंगाल गजटप्रस्तुति -नलिन चौहानअठारहवीं शताब्दी के दौरान भारत में पहली बार समाचार पत्र का प्रकाशन आरंभ हुआ। अंग्रेज ईस्ट इंडिया कंपनी समाचार पत्रों को सूचना देने के...
View Articleकोरोना काल महाकाल में सतर्क सावधान रहे
*💝💝Dear friends*🔆पूरा विश्व इस समय बहुत की गंभीर परिस्थिति से गुज़र रहा है ☝🔆हर तरफ डर और नकारात्मक ऊर्जा का वातावरण है (जिसमे बहुत बड़ा हाथ social media का bhi hae)🔆भय और नकारात्मक वातावरण से रोग...
View Articleआपातकाल की कुछ कहीं अनकहीं यादें / गगन सेठी
बात ठीक 45 साल पहले की है। देश में इमरजेंसी लग चुकी थी। पापा के साथ कई लोगों की अदालत में पेशी हुई। जज साहब ने एक i व्यक्ति से पूछा- आरएसएस (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) किसे कहते हैं? सकपकाए व्यक्ति ने...
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