आज भी याद आते हैं नंदन जी / प्रकाश मनु
आज भी याद आते हैं नंदन जी / प्रकाश मनुजब से लेखन-कर्म की शुरुआत हुई और एक लेखक के रूप में मैंने दुनिया को देखना-जानना शुरू किया, नंदन जी को सर्वत्र अपने आस-पास महसूस किया. पहले ‘पराग’ के बड़े ही...
View Articleध्यान की ताक़त
*ध्यान की ताकत!**जब100 लोग एक साथ साधना करते है तो उत्पन्न लहरें 5 कि.मी. तक फैलती है,* और नकारात्मकता नष्ट करसकारात्मकता का निर्माण करती है.!*आईस्टांईन नें वैज्ञानिक दृष्टिकोण से कहा था के एक अणु के...
View Articleतुझ जैसा कोई नहीं बेदी पाजी / विवेक शुक्ला
बेदी पाजी, 28/50, वेस्टपटेल नगरअगर बिशन सिंह बेदी राजधानी में पटेल नगर के आस-पास से गुजर रहे होते हैं, तो वे कोशिश करते हैं कि वेस्ट पटेल नगर के मकान नंबर 28/ 50 को दूर से ही देख लें। उनकी इस घर से...
View Articleसेवानिवृति का आनंद*
*सेवानिवृति का आनंद*मजा रिटायरमेंट का ,सबसे है अनमोल |जो भी आपको बोलना ,बोलो दिल को खोल ||-सब बंधन से मुक्त हो ,हो जाते आजाद ,अपने मन की आप सब ,कर सकते हैं बात ||-नही तबादले की फिक्र,नहीं फटाफट टूर...
View ArticleB4M/ news -100
अंजना ओम कश्यप को यूएन में तैनात भारतीय महिला अफ़सर ने केबिन से बाहर जाने को कह दिया!जाति न पूछो आईएएस की!सिविल सर्विसेज : गरीब छात्रों के लिए मृगतृष्णा, आईआईटीयंस का जबर्दस्त कब्जा!अमन चोपड़ा, मुनीष...
View Articleआगे कुछ नहीं आता है / रवि अरोड़ा
कल ही प्रयागराज यानि इलाहाबाद से बाई रोड गाजियाबाद लौटा हूं । इस बार आगरा लखनऊ एक्सप्रेस वे से न होकर वाया कानपुर इटावा होते हुए घर वापिस आने का फैसला लिया था । बताया भी गया था कि स्टेट हाई वे बहुत...
View Articleरवि अरोड़ा की नजर से
उसका भी खाना खराब / रवि अरोड़ाउर्दू के मशहूर शायर अब्दुल हमीद अदम मेरे पसंदीदा शायर हैं । उनका मुरीद मैं तीन वजह से हूं । पहली वजह है कि वे उस कस्बे तलवंडी में पैदा हुए जहां के बाबा नानक थे । दूसरी...
View Articleरवि अरोड़ा की नजर सेव......
देखो एक नदी जा रही है / रवि अरोड़ासोशल मीडिया पर सुबह से डॉटर्स डे के मैसेज छाए हुए हैं । इन मैसेज के बीच हौले से किसी ने नदी दिवस का भी मैसेज भेज दिया । याद आया अरे आज तो नदी दिवस भी है । हालांकि ये...
View Articleविविध आयामी व्यक्तित्व के सुरेश्वर त्रिपाठी
#शख्सियत ( प्रेरक व्यक्तित्व ) / डॉ. सुरेश्वर त्रिपाठी°°°°°°°°°°°°°°°°°°°25 सितंबर 2021- शनिवार की शाम दिल्ली से अपनी स्कूटी द्वारा मेरे अग्रज व अभिन्न मित्र ,काशी हिंदू विश्वविद्यालय ,वाराणसी के डॉ....
View Articleभगत सिंह की वो कौन थीं / विवेक शुक्ला
शहीद भगत सिंह को आज सारा देश उनके जन्म दिवस पर याद कर रहा है। वे देश के सबसे आदरणीय आइकन में से एक माने जाते हैं। आज उनके साथियों जैसे सुखदेव, राज गुरु और बी.के.दत्त का भी जिक्र लाजिमी तौर पर हो रहा...
View Articleआँख में भर लों पानी.../+विवेक शुक्ला
ऐ मेरे वतन के लोगों, ज़रा आंख में भर लो पानी...राजधानी दिल्ली 27 जनवरी 1963 को कड़ाके की सर्दी से दो- चार हो रही थी। इसके बावजूद नेशनल स्टेडियम ( अब दादा ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम) में हजारों लोग एकत्र...
View Articleकितने दिल्ली वाले पंजाब के ये 3 सीएम / विवेक शुक्ला
पंजाब के नए मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी आजकल खबरों में छाए हुए हैं। पर हम उनकी बात नहीं करेंगे। हम बात करेंगे पंजाब के उन तीन मुख्यमंत्रियों की जिनका राजधानी दिल्ली से करीबी संबंध रहा। सबसे पहले बात...
View Articleआज़ादी से पहले :और बाद में
15 अगस्त, 1947 ही क्यों / विवेक शुक्लायह सवाल बार-बार पूछा जाता है कि ब्रिटिश सरकार ने भारत को 15 अगस्त, 1947 को ही क्यों आजाद किया? क्या इस तारीख को चुनने के पीछे कोई खास वजह थी।लार्ड माउंटबेटन 3...
View ArticleWhat is Luxury?*
Luxury?*Luxury is not getting treatment from the most expensive hospital in USA.Luxury is *being healthy.*Luxury is not going on a cruise and eating food prepared by a renowned chef.Luxury is *eating...
View Articleशिव लिंग के प्रकार एवं महत्त्व,ॐ नमः शिवाय
प्रस्तुति - ज्योति अग्रवाल1. मिश्री(चीनी) से बने शिव लिंग कि पूजा से रोगो का नाश होकर सभी प्रकार से सुखप्रद होती हैं।2. सोंठ, मिर्च, पीपल के चूर्ण में नमक मिलाकर बने शिवलिंग कि पूजा से वशीकरण और...
View Articleसृजन शोध औऱ संस्कार का उतावलापन
एक जुनून.. एक पागलपन.. सृजन की... 'मुखराम सिंह स्मृति पत्रकारिता-संग्रहालय और लोक-विधा,शोध संस्थान,आज़मगढ़'की स्थापना का प्रस्तावित मूल उद्देश्य, जो मैंने महसूस किया :-1-देश और दुनिया के विभिन्न...
View Articleधार औऱ मांडू रियासतों की भूमिका
‘स्वाधीनता संग्राम की गाथा: धार एवं मांडू रियासत’ विषय पर राष्ट्रीय व्याख्यानअंबेडकर की प्रतिभा को बडोदरा स्टेट ने पहचाना- महाराज पवारमहू (इंदौर). डॉ. भीमराव अंबेडकर बचपन से ही कुशाग्र बुद्धि के थे...
View Articleकविता से डरे अंग्रेजों ने पिता-पुत्र को शहीद कर दिया / मनोज कुमार
आजादी के अमृत महोत्सव में संदर्भ मध्यप्रदेशकविता से डरे अंग्रेजों ने पिता-पुत्र को शहीद कर दियामनोज कुमारहिन्दुस्तान में स्वाधीनता संग्राम का बिगुल बज चुका था. 1857 के विद्रोह की चिंगारी हर वर्ग और हर...
View Articleराजधानी मेरे कितने ग्वालियर औऱ एक सिंधिया
कहां सिंधिया, कितने ग्वालियर / विवेक शुक्ला दिल्ली में सरोजनी नगर से रिंग रोड के जब आप करीब पहुंचते हैं, बस तब ही सड़क के बायीं तरफ एक विशाल प्लाट नजर आता है। इसे बाहर से देखने पर भी चारों तरफ...
View Articleसाहित्य_इतना_केन्द्रीकृत पहले कभी नहीं था , जितना आज है ........ अनूप शुक्ला
#आदिकाल और #भक्तिकाल के कवि बिखरे हुए थे । उनका बिखराव भौगोलिक भी था और वस्तुगत व भाषागत भी था । उनमें समानता के कुछ बिंदु भले खोज लिए जाएँ , लेकिन उनके साहित्य में पर्याप्त विविधता थी ।...
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