शंकर-शाद मुशायरा आज- मुकर्रर इरशाद...,// विवेक शुक्ल
आज की शाम का शेरो-शायरी में दिलचस्पी रखने वाले दिल्ली वालों को बेसब्री से इंतजार रहता है। मौका है शंकर शाद मुशायरे का। यह सिलसिला 1954 में शुरू हुआ था और तब से बदस्तूर जारी है। शंकर-शाद मुशायरें में...
View Articleए. विजय अरोड़ा* की वॉल से साभार
ए. विजय अरोड़ा* की वॉल से साभारजुलाई 2017 में एक ऐसी घटना घटी जिसने फिल्म इंडस्ट्री को झकझोर कर रख दिया था। एक्टिंग का कोई काम नहीं मिलने पर 62 साल की नेशनल अवॉर्ड विनिंग एक्ट्रेस नीना गुप्ता ने...
View Articleयादों में, सपनों में पापा / विवेक शुक्ल
मार्च के महीने का दूसरा हफ्ता शुरू होते ही जीवन में अजीब सा खालीपन महसूस होने लगता है। कुछ भी करने का मन नहीं करता। और फिर 14 मार्च को तो लगता है कि कहीं किसी कोने में जाकर रो लूं। मेरे लिए 14 मार्च,...
View Articleपूरबी के बेताज बादशाह : महेंदर मिसिर / कुमार नरेन्द्र सिंह
पूरबी के बेताज बादशाह : महेंदर मिसिरकुमार नरेन्द्र सिंहउस दिन महेन्दर मिसिर अपने एक दोस्त के साथ कलकत्ता (कोलकाता) की मशहूर तवायफ सोना बाई के कोठे पर पहुंचे थे मुजरासुनने। दोस्त ने बताया था कि एक बार...
View Articleदिनेश तिवारी, :
क्या भूलूं, क्या याद करूंदिनेश तिवारी, हरीश पाठक, विवेक सक्सेना, मुकुल गर्ग, सुभाष अखिल, सुभाष भारद्वाज और मैं- इन सबमें एक बात कॉमन है। हम सब अपने-अपने करियर के लगभग शुरुआती दिनों में दिल्ली प्रेस...
View ArticleBBC / आपराधिक मानहानि
आपराधिक मानहानि के चार साल पुराने एक मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी को कोर्ट ने दो साल की सज़ा सुनाई है. सज़ा मिलने के एक दिन बाद ही लोकसभा सचिवालय ने अधिसूचना जारी कर उनकी सदस्यता रद्द कर दी...
View Article1857 और सावरकर / राजशेखर व्यास
सावरकर को लेकर मैंने बहुत पढ़ाई नहीं की है.1857 पर उनकी पुस्तक मैंने 1857 पर काम करते हुए पढ़ी.वह 1857 पर पहली किताब है -- जो इसे महासंग्राम मानती है, यह तथ्यात्मक रूप से गलत है.1857 पर पहली किताब...
View Articleराज्य के मालिक से दुराव - छिपाव क्यों ? / राजशेखर व्यास
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~महात्मागांधी से [पहले से ही समय लेकर] गाँव के दो किसान मिलने आये थे , महात्माजी उनको कुछ समझा रहे थे कि इसी बीचवायसराय के यहाँ से कोई अंग्रेज-अफसर गांधीजी से...
View Articleउपन्यास "पतन"का एक दृश्य। / रवींद्र कांत त्यागी
उपन्यास "पतन"का एक दृश्य। / रवींद्र कांत त्यागी तभी मेरी निगाह स्टूल पर रखे आज के अखबारों पर पडी. पहला पन्ना ही देखा था कि मेरे पैरों के नीचे से जमीन खिसक गयी. पूरे देश में भयानक स्तर पर विपक्षी...
View Articleविश्व रंगमंच दिवस विशेष - /
विश्व रंगमंच दिवस विशेष - Rajshekhar Vyas ,''उस ने सिर्फ दो घटिया टीवी सीरियलों में काम किया है और देखिये सारे लोग उसी की तारीफों में लगे हैं! मैं पिछले 15 सालों से रंगकर्म कर रहा हूँ,लेकिन मुझे तो...
View Articleपानी की आदर्श शुद्धता है 250 से 350 टीडीएस
आसान शब्दों में कहें जो वैज्ञानिक तर्कों पर भी सटीक है, शुद्ध पानी वह है जो स्वादरहित, गंधरहित और रंगरहित हो. कई लोग पानी को ज्यादा मीठा बनाने के लिए RO या दूसरी तकनीकों से पानी को शुद्ध करने के लिए...
View Articleरानी रासमणि"
प्रस्तुति - रमेश रतेरिया क्या आप ऐसी किसी महिला के बारे में जानते हैं 🤔 जिसने :**1. हावड़ा में गंगा नदी पर पुल बनाकर कलकत्ता शहर बसाया?**2. अंग्रेजों को ना तो नदी पर टैक्स वसूलने दिया, और ना ही दुर्गा...
View Articleपंडित लखमी चंद (जन्म: 1903, मृत्यु: 1945) हरियाणवी भाषा
लखमी चंदसूर्यकवि, हरियाणा के शेक्सपियरभाषाPDF डाउनलोड करेंध्यान रखेंसंपादित करेंपंडित लखमी चंद (जन्म: 1903, मृत्यु: 1945) हरियाणवी भाषा के एक प्रसिद्ध कवि व लोक कलाकार थे। हरियाणवी रागनी व सांग में...
View Articleवैश्विक हिन्दी लोक प्रसारक संघ*
वैश्विक हिन्दी लोक प्रसारक संघ*मंगलवार 21 फरवरी 2023**कई देशों के प्रसारण संगठन हिन्दी में 30 मिनिट से 24 घंटों तक प्रसारण करते हैं। इनमें से कुछ प्रसारण संगठनों से मेरे छात्र भी जुड़े हैं या जुड़े...
View Articleअमेरिका से अपनी जड़ों की तलाश में आए आज़मगढ़।
116 बरस बाद रामखेलावन की चौथी पीढ़ी डेविड और पत्नी लीना अमेरिका से अपनी जड़ों की तलाश में आए आज़मगढ़।०कल जाएंगे रौनापार थाना क्षेत्र के मंडहा गांव1907 में गिरमिटिया मजदूर बन कलकत्ता से मारीशस गये थे...
View Articleसामाजिक pratha
जब समुदाय के अनेक व्यक्ति एक साथ एक ही तरह के उद्देश्य की पूर्ति के लिए प्रयत्न करते हैं तो वह एक सामूहिक घटना होती है जिसे ‘जनरीति’ (Folkways) कहते हैं। यह जनरीति एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी को...
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LATEST 100 भड़ासराजा भैया का वैवाहिक जीवन कभी सुखी नहीं रहा!30+ इज नॉट यंग, आप चाहे खुद को कुछ भी समझा लें!पत्रकारिता के स्कूल हैं दिलीप शुक्ला!अमर उजाला के नोएडा संस्करण का २०वाँ स्थापना दिवस मनाया...
View Articleरवि अरोड़ा की नजर से.....
जलियांवाला बाग का वह रहस्य / रवि अरोड़ा बैसाखी का पर्व हो और हम भारतीयों को जलियांवाला बाग का नरसंहार याद न आए, ऐसा भला कैसे हो सकता है। आज से 104 साल पहले 13 अप्रैल 1919 को अमृतसर के इस ऐतिहासिक बाग...
View Articleभड़ासी डायरी : यशवंत सिंह
प्रयागराज में आज का दिन…अजीत विक्रम सिंह उर्फ़ गुड्डू भाई के सौजन्य से जमाने बाद नेतराम की दुकान के ज़रिए इलाहाबाद की नमकीन आत्मा का कुछ अंश अपन के अंदर एक्टिवेट हुआ। सुबह सबेरे दिन की शुरुआत अगर...
View Articleटोटल टीवी से जुड़े तमाम पत्रकारों की याद में / पंडित संदीप
पंडित संदीप टोटल टीवी में काम करने वाले भूत और वर्तमान दोस्तों की याद में... इसमे सब है देखो तुम्हारा नाम है क्या एक यादो की कविता अर्पित हैटोटल के टोटल स्टाफ कुछ चहक कर जो मिलते थे मिलेंगे कुछ...
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